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शिशु शिक्षा – 4 (लालयेत् पंचवर्षाणि)

– नम्रता दत्त शिशु शिक्षा की श्रृंखला के गत तीन सोपानों में हमने शिक्षा क्या है एवं शिशु क्या है तथा वर्तमान में शिशु शिक्षा…

भारतीय शिक्षा – ज्ञान की बात-32 (आनन्द मय कोश का विकास)

 – वासुदेव प्रजापति आनन्दो ब्रह्मेति व्यजानात् आज हम इस कथा को पूर्ण करते हैं। अब तक हमने इस कथा में जाना कि महर्षि वरुण के…

मातृभाषा में प्राथमिक शिक्षा और राष्ट्रीय शिक्षा नीति

 – प्रो. रविन्द्र नाथ तिवारी भाषा विचारों के आदान-प्रदान करने का सशक्त माध्यम है। किसी भी बच्चे की प्रथम शैक्षिक गुरु माता ही होती है।…

Life philosophy of Basaveshwara

Editor – G R Jagadeesh The great saints and poets of the world can teach us how to acquire the spiritual strength we need to…

दुनिया के महान संत बसवेश्वर का जीवन दर्शन

सम्पादन – जी.आर जगदीश दुनिया के महान संत और भक्तों से हम सीख सकते हैं कि हमें दैनिक जीवन की उलझी हुई परिस्थितियों से बाहर…

भगवान महावीर का शिक्षा दर्शन

– ललित गर्ग भगवान महावीर की जन्म जयन्ती मनाते हुए हमें महावीर बनने की तैयारी करनी होगी, हम महावीर को केवल पूजें ही नहीं, बल्कि…

पाती बिटिया के नाम-24 (जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादऽपि गरियसी)

 – डॉ विकास दवे प्रिय बिटिया! केसर की क्यारी कश्मीर गोला बारूद की जहरीली हवा की चपेट में एक बार फिर आ गई। एक बार…

श्रीराम – सुशासन के प्रतीक महापुरुष

भगवान श्रीराम अविनाशी परमात्मा है जो सबके सृजनहार व पालनहार हैं। भारत में ही नहीं, दुनिया में श्रीराम अत्यंत पूजनीय हैं और आदर्श पुरुष हैं।

राष्ट्र गुरु समर्थ रामदास स्वामी

 – सौ. ममता गद्रे   ।। ‘जगामधे जगमित्र । जिव्हेपासी आहे सूत्र’ ।। “ज्ञानदेवे रचिला पाया । कळस झळके वरी  तुकयाचा त्यावरी भगवा फडकतो ।…

शक्ति, भक्ति एवं संगठन का अद्भुत संगम – समर्थ रामदास स्वामी

 – शैलेश जोशी कहते है ईश्वर ने किसी भूमि पर जन्म लिया है तो वह भरतभूमि है। भारत यह अध्यात्म की भूमि है। भारत को…