कैसे अंग्रेजों ने ध्वस्त की भारत की विकसित शिक्षा प्रणाली : आओ जाने – 2

– प्रशांत पोळ ऑस्ट्रिया के एक मिशनरी, जॉन फिलिप वेस्डिन, अठारहवीं शताब्दी के अंत में केरल के मलाबार में काम कर रहे थे। । वर्ष…

भारतीय शिक्षा के मनीषी : श्री लज्जाराम तोमर

 – वासुदेव प्रजापति मा. लज्जारामजी तोमर की जन्म जयंती के उपलक्ष्य में उनके शैक्षिक चिन्तन का पुण्य स्मरण करने हेतु यह लेख प्रस्तुत है। तोमरजी…

पाती बिटिया के नाम-30 (बाहुबली मस्तिष्क)

– डॉ विकास दवे प्रिय बिटिया, पढ़ाई के दौरान कई बार आप यह शिकायत करते पाए जाते हैं – “इतना सारा पाठ्यक्रम है हम क्या-क्या…

शिशु शिक्षा – 8 – गर्भावस्था-2

– नम्रता दत्त इस श्रृंखला के सोपान 8 में गर्भावस्था के चौथे मास तक दृष्टि डाली थी। अतः अब गर्भ की इससे आगे की यात्रा…

ज्ञान की बात 37 (विश्वगत विकास)

– वासुदेव प्रजापति अब तक हमने व्यक्ति के परिवार के साथ सम्बन्ध, समाज के साथ सम्बन्ध, राष्ट्र के साथ सम्बन्ध कैसे होने चाहिए? इन सब…

मातृभाषा में शिक्षा की दिशा में सार्थक पहल

– ललित गर्ग सशक्त भारत-निर्माण एवं प्रभावी शिक्षा के लिए मातृभाषा में शिक्षा की सर्वाधिक महत्वपूर्ण भूमिका है। शिक्षा को अपने समाज एवं राष्ट्र के…

राष्ट्रीय शिक्षा नीति और नेशनल रिसर्च फाउन्डेशन (एन.आर.एफ.)

 – डॉ० रविन्द्र नाथ तिवारी भारत भौगोलिक विविधता, जातीय बहुलता, भौतिक वातावरण में भिन्नता, आर्थिक विविधता और विश्व की सर्वाधिक युवा जनसंख्या वाले देश का…

पालक, पालय और पैसा

– दिलीप वसंत बेतकेकर “Money is a terrible master but an excellent servant.” “पैसा मालिक के रूप में भयानक है, परन्तु नौकर के रूप में…

पाती बिटिया के नाम-29 (दृढ़ निश्चय)

– डॉ विकास दवे प्रिय बिटिया, ‘भारत’ प्रारंभ से ही बड़ा शांतिप्रिय और गंभीर स्वभाव वाला बालक था। ‘ना काहु से दोस्ती, ना काहु से…

सरस्वती शिशु मंदिर योजना और राणा प्रताप सिंह

 – राजेन्द्र बघेल शिक्षा जगत में आज विद्या भारती और उसके महत्वपूर्ण योगदान की चर्चा सर्वदूर होती है। यह योजना स्वतंत्रता प्राप्ति के पश्चात सुनियोजित…