– गोपाल माहेश्वरी रघुवीर के विद्यालय में दशहरा अवकाश आरंभ होने के पूर्व शिक्षिका ने कुछ गृहकार्य करने के लिए दिए। इस वर्ष दशहरा और…
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नवरात्र और भारतीय ज्ञान परंपरा-९
॥ॐ॥ नमो देव्यै महादेव्यै शिवायै सततं नमः। नम: प्रकृत्यै भद्रायै नियता: प्रणता: स्म ताम् (श्रीदुर्गासप्तशती ५/९) माँ भगवती के श्रीचरणों में नमन करते हुए शारदेय…
नवरात्र और भारतीय ज्ञान परंपरा-८
॥ श्रीनारायणि नमोस्तुते ॥ विद्या तथैव क्रियते भगवद्विष्णुमायया। तया त्वमेष वैश्यश्च तथैवान्ये विवेकिन:॥ (श्रीदुर्गासप्तशती १३/३) भगवान विष्णु की माया स्वरूपा भगवती ही विद्या उत्पन्न करने…
नवरात्र और भारतीय ज्ञान परंपरा-७
॥ श्री महादेव्या: प्रसादत:॥ मन्त्राणां मातृका देवी शब्दानां ज्ञानरूपिणी। ज्ञानानां चिन्मयातीता शून्यानां शून्यसाक्षिणी॥ ( श्रीदेवी अथर्वशीर्षम् /२४) जो मंत्रों में मातृका अर्थात् मूलाक्षर रूप में,…
नवरात्र और भारतीय ज्ञान परंपरा-६
॥ शरण्यां शिवदां शिवाम् ॥ या श्री: स्वयं सुकृतिनां भवनेष्वलक्ष्मी:, पापात्मनां कृतधियां हृदयेषु बुद्धि:। श्रद्धा सतां कुलजनप्रभवस्य लज्जा, त्वां त्वां नता: स्म परिपालय देवि विश्वम्॥…
नवरात्र और भारतीय ज्ञान परंपरा-४
॥ॐ महादेव्यै नमः॥ भारत में अध्यात्म ज्ञान को विद्या का आधार कहा गया है और आध्यात्मिक भाव के जागरण को ही विद्या का अंतिम निकष माना गया है। अध्यात्म की सरलतम व्याख्या है, सर्वत्र ईश्वर की उपस्थिति की अनुभूति और उस विश्वास के परिणमस्वरूप जीवन में तामसिक आचरण का परित्यागऔर दैवीय…
नवरात्र और भारतीय ज्ञान परंपरा-३
॥ॐ नमः विश्वेश्वरीम्॥ शारदेय नवरात्रि के तृतीय दिवस पर ज्ञान-विज्ञान रूपिणी माँ भगवती को प्रणाम तथा सभी स्नेहीश्री ज्ञानसाधकों को सादर नमस्कार। ॐ विशुद्धज्ञानदेहाय त्रिवेदीदिव्यचक्षुषे। श्रेय:प्राप्तिनिमित्ताय नमः सोमार्धधारिणे॥ (श्रीदेवीकीलकम्/१)…
नवरात्र और भारतीय ज्ञान परंपरा-२
॥ श्रीदुर्गादेव्यै नमः॥ शारदेय नवरात्र के द्वितीय दिवस पर पराम्बा आदिशक्ति के श्रीचरणों में नमन और सभी ज्ञानसाधक बन्धु-बहनों को सादर नमस्कार। सर्वरूपमयी देवी, सर्वं देवीमयं जगत। अतोऽहं विश्वरूपां तां नमामि परमेश्वरीम्॥ “देवी सर्वरूपों से युक्त हैं तथा संपूर्ण जगत देवीमय है अतः मैं उन विश्वरूपा परमेश्वरी को नस्कार करता हूँ।” ( मूर्ति रहस्यम् ) भारतीय…
नवरात्र और भारतीय ज्ञान परंपरा-१
॥ ॐ नमश्चण्डिकायै ॥ शारदेय नवरात्र के प्रथम दिवस पर सभी आदरणीय, स्नेहीश्री ज्ञानसाधकों तथा विद्या अनुरागियों को सादर प्रणाम। ॐ ज्ञानिनामपि चेतांसि, देवी भगवती…
स्वास्थ्य बनाम शिक्षा
– दिलीप बेतकेकर ‘बच्चों की दृष्टि में शाला अर्थात् दुनिया का सुंदरतम स्थान’ होना चाहिए। जिस स्थान पर वे उन्मुक्त रूप से खेलें-कूदें, नाचें-गायें, ऐसा…