रामायण सत कोटि अपारा-7 (जनजातीय क्षेत्रों में राम कथा)

Ram katha in tribal area✍ रवि कुमार “राम आव्या जंगल मां, लक्ष्मण संग चाल्या। शबरी माय बेर लई, प्रेम थी थाळ भराल्या॥” “मीठा बेर चाखी-चाखी,…

छोटे का गांव

 – रवि कुमार मरुभूमि में फलोदी के पास एक गांव में एक किसान रहता था। उसके दो पुत्र व एक पुत्री थी। किसान के पास…

प्रताप की रैली

 – रवि कुमार माँ प्रताप की विद्यालय के लिए तैयारी में सहायता कर रही है। माँ-पुत्र का संवाद भी साथ साथ चल रहा है। माँ…

2047 का विश्व गुरु भारत

– रवि कुमार भारत विश्व गुरु रहा है और 21वीं शताब्दी में पुनः उसी दिशा में अग्रसर है। 2012 के बाद राष्ट्र शक्ति के जनजागरण…

पानी पूरी का ठेला

– रवि कुमार ‘पानी पूरी’ नाम सुनते ही मुंह में पानी आ जाता है। मारवाड़ के एक नगर के मोहल्ले के नुक्कड़ पर पानी पूरी…

21वीं शताब्दी का भारत

 -रवि कुमार 21वीं शताब्दी के भारत की चर्चा केवल भारत ही नहीं तो बल्कि विश्व में सर्वत्र है। 21वीं शताब्दी का भारत कैसा होगा, यदि…

पुस्तक समीक्षा : भारतीय शिक्षा दृष्टि – डॉ मोहन भागवत

संपादक – रवि कुमार समीक्षक – डॉ उदय भान सिंह “भारतीय शिक्षा दृष्टि” पुस्तक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत द्वारा शिक्षा के…

रामायण सत कोटि अपारा-6 (श्रीराम वन गमन स्थल)

✍ रवि कुमार श्रीराम भारत की आत्मा है। श्रीराम भारत के प्राण है। श्रीराम भारत के जन जन के राम है। वे जन जन के…

रामायण सत कोटि अपारा-5 (संस्कृत साहित्य में रामकथा)

✍ रवि कुमार रामकथा का आदि स्रोत ‘रामायण’ ही है। राष्ट्रकवि रवींद्रनाथ ठाकुर ‘रामायण’ के भारतीय जन-मानस में व्याप्ति पर लिखते हैं, “रामायण की कथा…

रामायण सत कोटि अपारा-4 (विदेशों में रामकथा का प्रभाव)

✍ रवि कुमार प्रसिद्ध भजन है – “हमारे साथ श्री रघुनाथ तो, किस बात की चिंता। शरण में रख दिया जब माथ तो, किस बात…