– वासुदेव प्रजापति नेहरु व सरकार की बेतुकी सफाई सभी लोग राष्ट्रगान की सच्चाई जानने को उत्सुक थे। इसलिए बाध्य होकर पं. नेहरु को संविधान…
Category: वासुदेव प्रजापति
वन्देमातरम् का 150वां जयन्ती वर्ष – भाग दो
– वासुदेव प्रजापति कांग्रेस अधिवेशनों में वन्देमातरम् गान यह बात सबके ध्यान में रखने योग्य है कि आनंदमठ के प्रकाशन के पूर्व ही संपूर्ण बंगाल…
वन्देमातरम् का 150वां जयन्ती वर्ष – भाग एक
– वासुदेव प्रजापति आज की नई पीढ़ी भारत के स्वतंत्रता संग्राम से अनभिज्ञ है। उसने न जवाहरलाल नेहरु को देखा है न उसे सुभाषचन्द्र बोस…
देश की बात-1 : अपनी बात
-वासुदेव प्रजापति बात आज से लगभग बीस-बाईस वर्ष पुरानी है। विद्या भारती जोधपुर प्रांत का अध्यक्ष-व्यवस्थापक सम्मेलन, बच्छराज व्यास आदर्श विद्या मंदिर डीडवाना में था।…
भारतीय शिक्षा – ज्ञान की बात-121 (भारतीय शिक्षा की पुनर्प्रतिष्ठा हेतु परिवर्तन के बिन्दु-3)
– वासुदेव प्रजापति आज शिक्षा का प्रश्न इतना अधिक उलझ गया है कि उसे सुलझाना किसी एक व्यक्ति या एक संस्था के बस की बात…
भारतीय शिक्षा – ज्ञान की बात-120 (भारतीय शिक्षा की पुनर्प्रतिष्ठा हेतु परिवर्तन के बिन्दु-2)
– वासुदेव प्रजापति शिक्षा में परिवर्तन करने से पूर्व हमें एक और सूत्र को ध्यान में रखने की आवश्यकता है। ‘शिक्षा व्यक्तिगत नहीं होती राष्ट्रीय…
भारतीय शिक्षा – ज्ञान की बात-119 (भारतीय शिक्षा की पुनर्प्रतिष्ठा हेतु परिवर्तन के बिंदु-1)
– वासुदेव प्रजापति हम भारतीय शिक्षा की पुनर्प्रतिष्ठा चाहते हैं। भारतीय शिक्षा की पुनर्प्रतिष्ठा तभी संभव है जब आज की व्यवस्था में आमूलचूल परिवर्तन किया…
भारतीय शिक्षा – ज्ञान की बात 118 (भारतीय ज्ञान की पुनर्प्रतिष्ठा हेतु करणीय उपाय)
✍ वासुदेव प्रजापति भारतीय ज्ञान का अर्थ होता है, हमारे देश का ज्ञान अर्थात हमारा देशीय ज्ञान। भारत भूमि में जन्मा हमारा अपना ज्ञान। भारत…
भारतीय शिक्षा – ज्ञान की बात 117 (भारतीय शिक्षा की पुनर्प्रतिष्ठा – धर्माचार्य और शिक्षा-2)
✍ वासुदेव प्रजापति हमारे देश में धर्माचार्यों की बहुत बड़ी संख्या है। उनके बड़े-बड़े आश्रम चलते हैं। उन आश्रमों में धार्मिक कार्यक्रमों के अतिरिक्त भी…
भारतीय शिक्षा – ज्ञान की बात 116 (भारतीय शिक्षा की पुनर्प्रतिष्ठा – धर्माचार्य और शिक्षा-1)
✍ वासुदेव प्रजापति भारत एक धर्मप्राण देश है। सम्पूर्ण देश में धर्माचार्यों की विशेष ख्याति है। लोग उनकी बात मानते हैं। उनकी तपश्चर्या और उनके…