पं० हजारी प्रसाद द्विवेदी का साहित्य दर्शन

पं० हजारी प्रसाद द्विवेदी जी का हिंदी साहित्य में अत्यंत विशिष्ट तथा सराहनीय योगदान रहा है। द्विवेदी जी निबंधकार, आलोचक और उपन्यासकार थे। लगभग सभी…

शांति और प्रेम का संदेश देती है बुद्ध पूर्णिमा

– मृत्युंजय दीक्षित वैशाख मास की पूर्णिमा का भारतीय संस्कृति व बौद्ध समाज में अद्वितीय स्थान है। न केवल बौद्ध धर्म में आस्था रखने वाले…

महान शिक्षाविद व समाज सुधारक महात्मा हंसराज का जीवन-दर्शन

 – डॉ. सुरेन्द्र कुमार बिश्नोई उन्नीसवीं शताब्दी के अंत में जिन महापुरुषों ने देश में शिक्षा व समाज-सुधार के क्षेत्र में महान योगदान दिया उनमें…

Bankim Chandra Chatterjee and Vande Mataram

 – Jagadindra Raychoudhury British came to India as the East India Company for some business purpose and during that time India was divided into some…

स्वामी भारती कृष्ण तीर्थ और वैदिक गणित

– स्वामी भारती कृष्ण तीर्थ का जन्म 14 मार्च 1884 (चैत्र शुक्ल तृतीया) को तिन्निवेलि (Tinnevally) तमिलनाडु में एक विद्या-विनय सम्पन्न परिवार में हुआ था।…

नारी स्वातंत्र्य का भारतीय प्रतिमानः सावित्री बाई फुले

 – अवनीश भटनागर समाज में सदियों से चली आ रही रूढ़ियों को समाप्त करने तथा सामाजिक व्यवस्था में परिवर्तन लाने के लिए दो बातें अत्यन्त…

परम पूज्य श्री गुरुजी का शैक्षिक प्रबोधन

 – अवनीश भटनागर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के द्वितीय सरसंघचालक परम पूज्य माधवराव सदाशिवराव गोलवलकर उपाख्य श्री गुरुजी कुशल संगठक होने के साथ-साथ समाज जीवन के…

ஸ்ரீ ராமகிருஷ்ண பரமஹம்சர்

– கள். தனலட்சுமி ஸ்ரீ ராமகிருஷ்ண பரமஹம்சர் 1836 ஆம் ஆண்டு வங்காளத்தில் கமார்புக்கூர் என்னும் கிராமத்தில் சந்திரமணி தேவிக்கும் குதிட்ராம் சட்டர்ஜிக்கும் மகனாகப் பிறந்தார்.  பெற்றோர்களால்  கதாதர் என அன்புடன் அழைக்கப்பட்டார். கிராம…

Life and teachings of Sri Ramakrishna Paramhansa

 – Dhanalakshmi Sri Ramakrishna was born in the year 1836 to Chandramani Devi and Khudiram Chatterjee in a village called kamaarpukur at Bengal. He was…

सामाजिक समरसता के प्रेरक संत रविदास

 – मृत्युंजय दीक्षित हिंदू समाज को छुआछूत जैसी घृणित परम्परा से मुक्ति दिलाने वाले महान संत रविदास का जन्म धर्मनगरी काशी के निकट मंडुआडीह में…