– प्रो. जीवनसिंह खरकवाल प्रताप ऐसे समय मेवाड़ की गद्दी पर बैठे जब उसकी राजधानी चित्तौड़गढ़ पर तो मुगलों का अधिकार था ही, किन्तु मेवाड़…
Category: समसामयिक
हल्दी घाटी युद्ध विजय@450 वर्ष – वामपंथ की उघड़ती परतें
– अनुराग सक्सेना अंग्रेजों ने इतिहास के साथ छेड़छाड़ का जो सिलसिला शुरू किया, उसे वामपंथी इतिहासकारों, साहित्यकारों ने आजादी के बाद भी जारी रखा।…
हल्दी घाटी युद्ध विजय@450 वर्ष : अडिग प्रतिज्ञा, अजेय प्रताप
– प्रो. भगवती प्रकाश शर्मा हल्दी घाटी युद्ध में अकबर की सेना संख्या में महाराणा प्रताप की सेना से चार गुना अधिक थी। मुगल सेना…
अंकों की प्रतिस्पर्द्धा नहीं, व्यक्तित्व का समग्र एवं संतुलित विकास हो शिक्षा का लक्ष्य
– प्रणय कुमार गत 13 मई को केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड-परीक्षा के परिणाम घोषित किए गए। 12वीं में 88.39 तो 10वीं में 93.66 प्रतिशत विद्यार्थी…
पाठ्यक्रम-परिवर्तन की दिशा में ठोस पहल व प्रयास
– प्रणय कुमार किसी भी उदार, जीवंत, गतिशील एवं लोकतांत्रिक समाज में वांछित एवं युगीन परिवर्तन की प्रक्रिया सतत चलती रहती है। जड़ता एवं यथास्थितिवाद…
पाठ्यपुस्तकों में अप्रकट सच्चे भारतीय राष्ट्रनायक
– प्रणय कुमार वामपंथी बुद्धिजीवियों, इतिहासकारों एवं कथित इस्लामिक स्कॉलरों द्वारा कभी बाबर, कभी अकबर, कभी जहाँगीर, कभी औरंगजेब तो कभी टीपू सुल्तान को नायक…