संस्कार और साक्षरता

– दिलीप बेतकेकर ‘साक्षर जनता – भूषण भारत’, (जनता साक्षर हो तो भारत विभूषित होगा) ‘साक्षरतेचा दिवा घरोघर लावा’, (साक्षरता का दीपक हर घर में…

व्यक्तित्व विकास की भारतीय संकल्पना

-दिलीप बेतकेकर गोवा के एक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के कक्षा ग्यारह में अध्ययनरत एक विद्यार्थी को प्राचार्य ने घर वापिस जाने को कहा। कारण क्या…

अथातो प्रश्न जिज्ञासा

-लेख (मूल मराठी) दिलीप बसंत बेतकेकर -अनुवाद (हिन्दी) डॉ. रमेश चौगांवकर “समझे या नहीं?”, हैव् यू अण्डरस्टेण्ड? कक्षा में पढ़ाते समय ऐसे प्रश्न शिक्षक अपने…

शालेय प्रार्थना सभा

 – दिलीप बेतकेकर किसी शाला की प्रगति कम से कम समय में परखनी हो तो शाला की प्रार्थना सभा में उपस्थित रहें। शाला की प्रार्थना…

‘विद्यार्थियों’ के शिक्षकों की आवश्यकता

 – दिलीप बेतकेकर ‘मुझे झटका लगा?’ ‘नहीं।’ ‘मैं संवेदनाहीन हुआ क्या?’ ‘बिलकुल नहीं।’ ‘तो फिर मैं ‘स्थित प्रज्ञ’ हूँ क्या?’ ‘नहीं जी! वह तो बहुत…

शिक्षकों, घर जाओ!

 – दिलीप बेतकेकर शीर्षक पढ़कर नाराज हो गये न आप? हमें ‘घर जाओ’ कहने वाले आप कौन? क्या अधिकार है आपको हमें घर भेजने का?…

शिक्षक साथियों, आओ हम आचार्य बनें

 – दिलीप बेतकेकर मैं अभी-अभी एक विद्यालय में शिक्षक पद पर पदस्थ हुआ था। नया ही था विद्यालय में। मेरे से एक-दो वर्ष पूर्व से…

शिक्षक की सामाजिक प्रतिष्ठा

– दिलीप बेतकेकर कुछ वर्ष पूर्व की घटना है। किसी कार्यक्रम में मेरा एक पूर्व-परिचित सामाजिक कार्यकर्ता लम्बे समय पश्चात मिला। पूर्व में वह कार्यकर्ता…

शिक्षक बदलने पर शिक्षा बदलेगी

– दिलीप बेतकेकर “You can’t correct the spelling mistake of the child by giving a new pen.” “स्पेलिंग में की गई गलती को नया पेन…

21वीं शताब्दी के शिक्षक

– दिलीप बेतकेकर इक्कीसवीं शताब्दी है यह! कैसी है ये नई शताब्दी? इस नई शताब्दी में कौन से परिवर्तन होंगे? क्या समस्याएं होंगी इसमें? भारत…