– दिलीप बेतकेकर ‘मुझे झटका लगा?’ ‘नहीं।’ ‘मैं संवेदनाहीन हुआ क्या?’ ‘बिलकुल नहीं।’ ‘तो फिर मैं ‘स्थित प्रज्ञ’ हूँ क्या?’ ‘नहीं जी! वह तो बहुत…
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शिक्षकों, घर जाओ!
– दिलीप बेतकेकर शीर्षक पढ़कर नाराज हो गये न आप? हमें ‘घर जाओ’ कहने वाले आप कौन? क्या अधिकार है आपको हमें घर भेजने का?…
शिक्षक साथियों, आओ हम आचार्य बनें
– दिलीप बेतकेकर मैं अभी-अभी एक विद्यालय में शिक्षक पद पर पदस्थ हुआ था। नया ही था विद्यालय में। मेरे से एक-दो वर्ष पूर्व से…
शिक्षक बदलने पर शिक्षा बदलेगी
– दिलीप बेतकेकर “You can’t correct the spelling mistake of the child by giving a new pen.” “स्पेलिंग में की गई गलती को नया पेन…
21वीं शताब्दी के शिक्षक
– दिलीप बेतकेकर इक्कीसवीं शताब्दी है यह! कैसी है ये नई शताब्दी? इस नई शताब्दी में कौन से परिवर्तन होंगे? क्या समस्याएं होंगी इसमें? भारत…
राष्ट्र निर्माण में शिक्षक की भूमिका
– दिलीप बेतकेकर कार्य सभी महत्वपूर्ण तथा मूल्यवान ही होते हैं, कोई भी कार्य निम्न स्तर का नहीं। फिर भी शिक्षक का कार्य अनोखा है।…
मनः स्थिति बनाम परिस्थिति
✍ दिलीप बेतकेकर शाला में एक खेल खेला जाता है रस्सा खींच। एक मजबूत रस्सी के दो सिरों की बाजू में दो समूह रस्सी को…
साधन और साधना
✍ दिलीप बेतकेकर महाभारत युद्ध प्रारंभ होने के पूर्व अर्जुन और दुर्योधन भगवान श्री कृष्ण से सहायता मांगने हेतु एक ही समय पर पहुंचे। श्रीकृष्ण…
यूजलेस नहीं यूज लेस
✍ दिलीप बेतकेकर (USELESS नहीं USE LESS) आप युजलेस है ऐसा शिक्षक-पालक, अनेक बार कहते होंगे न? कई बार सुनने पर कुछ को तो लगने…