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रामायण सत कोटि अपारा-7 (जनजातीय क्षेत्रों में राम कथा)

Ram katha in tribal area✍ रवि कुमार “राम आव्या जंगल मां, लक्ष्मण संग चाल्या। शबरी माय बेर लई, प्रेम थी थाळ भराल्या॥” “मीठा बेर चाखी-चाखी,…

सौम्या की सखी

– गोपाल माहेश्वरी सौम्या आज बहुत उदास थी। आज उसके विद्यालय के छात्रावास में विभिन्न प्रतियोगिताओं में विद्यालय का प्रतिनिधित्व करने हेतु चयन प्रक्रिया चल…

व्यक्तित्व विकास की भारतीय संकल्पना

-दिलीप बेतकेकर गोवा के एक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के कक्षा ग्यारह में अध्ययनरत एक विद्यार्थी को प्राचार्य ने घर वापिस जाने को कहा। कारण क्या…

अथातो प्रश्न जिज्ञासा

-लेख (मूल मराठी) दिलीप बसंत बेतकेकर -अनुवाद (हिन्दी) डॉ. रमेश चौगांवकर “समझे या नहीं?”, हैव् यू अण्डरस्टेण्ड? कक्षा में पढ़ाते समय ऐसे प्रश्न शिक्षक अपने…

संत नारायण गिरी जी उर्फ पंडित साधुराम

-सोमदत्त शर्मा भारतीय संस्कृति में संतों का योगदान अद्वितीय रहा है। भारत की यह भूमि युगों-युगों से तप, साधना और मानव कल्याण के लिए समर्पित…

वन्देमातरम् का 150वां जयन्ती वर्ष – भाग एक

 – वासुदेव प्रजापति आज की नई पीढ़ी भारत के स्वतंत्रता संग्राम से अनभिज्ञ है। उसने न जवाहरलाल नेहरु को देखा है न उसे सुभाषचन्द्र बोस…

शालेय प्रार्थना सभा

 – दिलीप बेतकेकर किसी शाला की प्रगति कम से कम समय में परखनी हो तो शाला की प्रार्थना सभा में उपस्थित रहें। शाला की प्रार्थना…

प्रेरणा के फूल

– गोपाल माहेश्वरी स्वदेशचंद्र जी आज सुबह से ही कुर्ता धोती पहनकर तैयार हो गए तो बेटे शिरीष ने पूछा “बाबूजी! आज कहाँ?” संघ की…

नए भारत का संकल्प

 – गोपाल माहेश्वरी “अरी मीनू! अपने पिताजी को कहना गैस सिलेंडर बुक किया कि नहीं।” “क्या माँ! अभी नया सिलेंडर लगाए चार दिन भी नहीं…

छोटे का गांव

 – रवि कुमार मरुभूमि में फलोदी के पास एक गांव में एक किसान रहता था। उसके दो पुत्र व एक पुत्री थी। किसान के पास…