नवरात्र और भारतीय ज्ञान परंपरा-७

॥ श्री महादेव्या: प्रसादत:॥ मन्त्राणां मातृका देवी शब्दानां ज्ञानरूपिणी। ज्ञानानां चिन्मयातीता शून्यानां शून्यसाक्षिणी॥ ( श्रीदेवी अथर्वशीर्षम् /२४) जो मंत्रों में मातृका अर्थात् मूलाक्षर रूप में,…

नवरात्र और भारतीय ज्ञान परंपरा-६

॥ शरण्यां शिवदां शिवाम् ॥ या श्री: स्वयं सुकृतिनां भवनेष्वलक्ष्मी:, पापात्मनां कृतधियां हृदयेषु बुद्धि:। श्रद्धा सतां कुलजनप्रभवस्य लज्जा, त्वां त्वां नता: स्म परिपालय देवि विश्वम्॥…

नवरात्र और भारतीय ज्ञान परंपरा-५

॥ नमस्ते रुद्ररूपिण्यै॥ चिताभस्मालेपो गरलमशनं दिक्पटधरो, जटाधारी कण्ठे भुजगपतिहारी पशुपति:। कपाली भूतेशो भजति जगदीशैकपदवीं, भवानि ! त्वत्पाणिग्रहणपरिपाटी फलमिदम् ॥ (देव्यपराधक्षमापनस्तोत्रम् /७॥ अंगों में चिता भस्म…

नवरात्र और भारतीय ज्ञान परंपरा-४

॥ॐ महादेव्यै नमः॥ भारत में अध्यात्म ज्ञान को विद्या का आधार कहा गया है और आध्यात्मिक भाव के जागरण को ही विद्या का अंतिम निकष माना गया है। अध्यात्म की सरलतम व्याख्या है, सर्वत्र ईश्वर की उपस्थिति की अनुभूति और उस विश्वास के परिणमस्वरूप जीवन में तामसिक आचरण का परित्यागऔर दैवीय…

नवरात्र और भारतीय ज्ञान परंपरा-३

॥ॐ नमः विश्वेश्वरीम्॥ शारदेय नवरात्रि के तृतीय दिवस पर ज्ञान-विज्ञान रूपिणी माँ भगवती को प्रणाम तथा सभी स्नेहीश्री ज्ञानसाधकों को सादर नमस्कार। ॐ विशुद्धज्ञानदेहाय त्रिवेदीदिव्यचक्षुषे। श्रेय:प्राप्तिनिमित्ताय नमः सोमार्धधारिणे॥ (श्रीदेवीकीलकम्/१)…

नवरात्र और भारतीय ज्ञान परंपरा-२

॥ श्रीदुर्गादेव्यै नमः॥ शारदेय नवरात्र के द्वितीय दिवस पर पराम्बा आदिशक्ति के श्रीचरणों में नमन और सभी ज्ञानसाधक बन्धु-बहनों को सादर नमस्कार। सर्वरूपमयी देवी, सर्वं देवीमयं जगत। अतोऽहं विश्वरूपां तां नमामि परमेश्वरीम्॥ “देवी सर्वरूपों से युक्त हैं तथा संपूर्ण जगत देवीमय है अतः मैं उन विश्वरूपा परमेश्वरी को नस्कार करता हूँ।” ( मूर्ति रहस्यम् ) भारतीय…

नवरात्र और भारतीय ज्ञान परंपरा-१

॥ ॐ नमश्चण्डिकायै ॥ शारदेय नवरात्र के प्रथम दिवस पर सभी आदरणीय, स्नेहीश्री ज्ञानसाधकों तथा विद्या अनुरागियों को सादर प्रणाम। ॐ ज्ञानिनामपि चेतांसि, देवी भगवती…

स्वास्थ्य बनाम शिक्षा

– दिलीप बेतकेकर ‘बच्चों की दृष्टि में शाला अर्थात् दुनिया का सुंदरतम स्थान’ होना चाहिए। जिस स्थान पर वे उन्मुक्त रूप से खेलें-कूदें, नाचें-गायें, ऐसा…

हिन्दवीं साम्राज्य को विस्तार देने वाले सुप्रसिद्ध सेनानायक बाजीराव पेशवा

– रमेश शर्मा पिछले डेढ़ हजार वर्षों में पूरे संसार का स्वरूप बदल गया है। 132 देश एक राह पर, 57 देश दूसरी राह पर…

भारतीय दर्शन और मानसिक स्वास्थ्य-2

– डॉ. शिवानी कटारा दैनिक दिनचर्या और मानसिक स्वास्थ्य मानसिक समस्याएँ बढ़ने का एक बड़ा कारण यह है कि व्यक्ति ने नियमितता (Routine) और सामंजस्य…