हल्दीघाटी युद्ध विजय@450 वर्ष : रघुवंशी श्रीराम के वंशज प्रताप

 – डॉ. देव कोठारी श्रीराम के पुत्र लव से मेवाड़ के राजवंश की उत्पत्ति मानी जाती है। संत बावजी चतुर सिंह ने ‘चतुर चिंतामणि’ में…

भारतीय ज्ञान का खजाना-38 (ओपनहायमर तो मान गए! लेकिन… – 1)

✍ प्रशांत पोळ गत 2023 के 21 जुलाई को, क्रिस्टोफर नोलन का ‘ओपनहायमर’ चलचित्र, भारतीय सिनेमाघरों में प्रदर्शित हुआ। जे रॉबर्ट ओपनहायमर को सारा विश्व,…

देश के लिए जियें

– गोपाल माहेश्वरी अगले सप्ताह वार्षिक परीक्षाऍं आरंभ होने वाली थीं इसलिए मधुकर दिन रात पढ़ाई में जुटा हुआ था। सायं के छ: बजने वाले…

भारतीय ज्ञान का खजाना-37 (प्राचीन भारतीय न्याय व्यवस्था – ४)

✍ प्रशांत पोळ विजयनगर साम्राज्य में न्याय व्यवस्था यह अनेक स्तरों पर रची हुई थी। ग्राम स्तर पर निर्णय ग्राम सभा लेती थी। यह ग्राम…

भारतीय ज्ञान का खजाना-36 (प्राचीन भारतीय न्याय व्यवस्था – ३)

✍ प्रशांत पोळ प्राचीन भारत के न्याय व्यवस्था की चर्चा करते हुए पिछले भाग में हमने कुछ ‘स्मृतियों’ की चर्चा की। कात्यायन स्मृति, याज्ञवल्क्य स्मृति…

भारतीय ज्ञान का खजाना-35 (प्राचीन भारतीय न्याय व्यवस्था – २)

✍ प्रशांत पोळ संपूर्ण कात्यायन स्मृति में, न्यायालय की परिभाषा से लेकर, विविध प्रसंगों में किस प्रकार से न्यायदान करना चाहिए, इस पर विस्तार से…

राष्ट्र गीत – वन्दे मातरम्

वन्दे मातरम्। सुजलां सुफलां मलयजशीतलाम्, शस्य श्यामलां मातरम्। वन्दे मातरम् ।।1।।       शुभ्र-ज्योत्स्ना-पुलकित-यामिनीम्, फुल्ल–कुसुमित-द्रुमदल-शोभिनीम्, सुहासिनीं, सुमधुर-भाषिणीम्, सुखदां, वरदां, मातरम्। वन्दे मातरम् ।।2।। हे माता (भारतमाता)! मैं…

नोमोफोबिया – मोबाइल से दूर होने की बेचैनी

 – डॉ शिवानी कटारा हमारे हाथ में हर समय मौजूद स्मार्टफोन अब केवल एक तकनीकी उपकरण नहीं रहा। वह हमारी अलार्म घड़ी है, पढ़ाई का…

शिक्षा का नया सूर्योदय : भारत 2025

जब इतिहास भविष्य से हाथ मिलाता है, तब परिवर्तन केवल दिखाई नहीं देता—वह अनुभव किया जाता है। वर्ष 2025 भारत की शिक्षा व्यवस्था के लिए…

‘विद्यार्थियों’ के शिक्षकों की आवश्यकता

 – दिलीप बेतकेकर ‘मुझे झटका लगा?’ ‘नहीं।’ ‘मैं संवेदनाहीन हुआ क्या?’ ‘बिलकुल नहीं।’ ‘तो फिर मैं ‘स्थित प्रज्ञ’ हूँ क्या?’ ‘नहीं जी! वह तो बहुत…