सा विद्या या विमुक्तये
– रवि कुमार विद्यार्थियों में विशेष गुणों के विकास की दृष्टि से अनेक विशेष आयोजनों की योजना होती है। कुछ आयोजन उस वर्ष में…
– रवि कुमार योग आज सर्वदूर सभी की चर्चा का विषय बना है। गत कुछ वर्षों से यह सभी की दिनचर्या का भाग बना है।…
– रवि कुमार शिक्षा समाज व राष्ट्र जीवन का महत्वपूर्ण भाग है। शिक्षा क्या है और शिक्षा की क्यों आवश्यकता है? यह एक महत्वपूर्ण प्रश्न…
– रवि कुमार ‘अभिभावक’ शब्द पर विचार करते हैं तो ध्यान में आता है माता-पिता। एक शब्द और चलता है – ‘पाल्य या पालक’ अर्थात्…
– रवि कुमार एक नवयुवक स्नातक पूर्ण कर आजीविका के लिए किसी के पास जाता है और नौकरी के लिए पूछता है। सामने वाला प्रश्न…
– रवि कुमार ‘बाल केंद्रित क्रिया आधारित शिक्षा’ यह सर्व विदित है। इसका अर्थ भी सब समझते है। परंतु इसका व्यवहार रूप देखने को कम…
– रवि कुमार भारत में आंग्ल भाषा सीखना एक भूत की तरह है, जिसका डर हमेशा लगा रहता है। यह स्वाभाविक भी है। आंग्ल भाषा…
– रवि कुमार स्वामी विवेकानन्द के अनुसार ‘श्रीमद भगवदगीता’ जैसे पवित्र ग्रंथ के अध्ययन से पूर्व फुटबॉल खेलना ज्यादा आवश्यक है। ‘श्रीमद भगवदगीता’ वीरों का…
– रवि कुमार संस्कृत भाषा विश्व की प्राचीनतम भाषा है और अनेक भाषाओं की जननी है। भारतीय संस्कृति, परम्परा, इतिहास, मान बिदु, जीवन मूल्य आदि…
– रवि कुमार विद्यालयीन शिक्षा में बालक को दो प्रकार के कार्य करने होते है, एक कक्षा कार्य, दूसरा गृहकार्य। कक्षा कार्य में आचार्य द्वारा…