आषाढ़ का वह दिन

✍ गोपाल माहेश्वरी आषाढ़ मास आरंभ हो चुका था। गरमियों का सूनेपन से ऊब चुका आकाश इस माह कभी भी चित्र-विचित्र छोटे-बड़े बादलों से भर…

भारतीय शिक्षा – ज्ञान की बात 107 (भारतीय शिक्षा की पुनर्प्रतिष्ठा-परिवार में करणीय प्रयास-1)

 ✍ वासुदेव प्रजापति भारत में समाजव्यवस्था की मूल इकाई व्यक्ति नहीं, परिवार है। परिवार एकात्म संकल्पना का सामाजिक रूप है। व्यक्ति परिवार का अंग बनकर…

अध्ययन – मित्र

✍ दिलीप बेतकेकर अब देखते हैं कि अध्ययन के मित्र कौन हैं, साथी कौन हैं! पुस्तकें हमारी प्रथम मित्र हैं! कुछ पुस्तकें उस शालेय सत्र…

साक्षात काली : कालीबाई

✍ गोपाल माहेश्वरी गुरु की सच्ची पूजा उनके आदर्शों पर चल दिखलाना। अवसर हो यदि बलिदानों का हँस कर जीवन पुष्प चढ़ाना।। बचपन ही तो…

भारतीय शिक्षा – ज्ञान की बात 106 (भारतीय शिक्षा की पुनर्प्रतिष्ठा – व्यक्तिगत जीवन में करणीय प्रयास-2)

 ✍ वासुदेव प्रजापति भारतीय शिक्षा की पुनर्प्रतिष्ठा करने हेतु स्वदेशी दृष्टिकोण होना आवश्यक है। हमारे व्यक्तिगत जीवन में उपयोगी सभी वस्तुएँ स्वदेशी होनी चाहिए, परन्तु…

Digital Transformation in Education and Its Accessibility

✍ D. Ramakrishna Rao Digital transformation is the process of using digital technologies to create or modify the existing process, culture and experiences to meet…

TECHNOLOGY ENABLED EDUCATION FOR BETTER FUTURE

✍ D. Ramakrishna Rao Technology is now playing a bigger role in the present-day world. Now that it has engrossed every aspect of our lives.…

आरती

✍ गोपाल माहेश्वरी “आरती! जरा गाय को  चारा डाल दे, भूखी होगी।” माँ ने कहा। “अभी डाल देती हूँ माँ!” आरती लगते जेष्ठ को चौदह…

भारतीय शिक्षा – ज्ञान की बात 105 (भारतीय शिक्षा की पुनर्प्रतिष्ठा – व्यक्तिगत जीवन में करणीय प्रयास-1)

 ✍ वासुदेव प्रजापति भारतीय शिक्षा की पुनर्प्रतिष्ठा करने हेतु हमें सभी संभावित क्षेत्रों का गहनता से विचार करना होगा। जब तक हमारा चिन्तन कृति में…

अभ्यास के औजार

✍ दिलीप वसंत बेतकेकर विभिन्न कार्यों के लिए हम विभिन्न प्रकार के औजार, शस्त्र आदि का प्रयोग करते हैं। नाई के औजार डाक्टर के औजारों…