भारतीय शिक्षा – ज्ञान की बात-35 (समाजगत विकास)

 – वासुदेव प्रजापति इससे पूर्व हमने व्यष्टि, समष्टि, सृष्टि व परमेष्ठी नामक चारों संज्ञाओं का अर्थ समझा। समष्टि के चार चरण – परिवार, समाज, राष्ट्र…

अमर बलिदानी भगवान बिरसा मुंडा

 – डॉ कुलदीप मेहंदीरत्ता अंग्रेजों के शासन के विरुद्ध भारत देश के विभिन्न भौगोलिक प्रदेशों में और सामाजिक वर्गों ने स्वतन्त्रता प्राप्त करने के लिए…

बच्चों की प्रगति पुस्तिका का अध्ययन

 – दिलीप वसंत बेतकेकर तिमाही परीक्षा के पश्चात प्रगति पुस्तक पर पालकों के हस्ताक्षर लेकर छठी कक्षा के विद्यार्थी, अपनी कक्षा अध्यापिका के पास, प्रगति…

पाती बिटिया के नाम-27 (न दैन्यं, न पलायनम्)

 – डॉ विकास दवे प्रिय बिटिया! अपने इस राष्ट्र की ख्याति शांति के प्रसार के लिए विश्वभर में रही है। इतिहास के अनेक ज्ञात-अज्ञात प्रसंगों…

भारतीय शिक्षा – ज्ञान की बात-34 (परिवारगत विकास)

 – वासुदेव प्रजापति व्यक्ति अकेला नहीं रह सकता। उसका जीवन जिन पर निर्भर है, उन सबके साथ वह तालमेल बिठाकर रहता है। व्यक्ति का जीवन…

महात्मा बुद्ध का शिक्षा दर्शन

 – डॉ कुलदीप मेहंदीरत्ता भारत देश में समय-समय पर संत, ऋषि-मुनि तथा अनेक महापुरुषों ने अवतार लिया है। प्राचीन काल से ही संसार ने भारत…

कोरोना महामारी के कारण भारतीय जीवन शैली की चर्चा

 – रवि कुमार कोरोना महामारी से फैले संकट से देश व विश्व उभरने का प्रयास सतत कर रहा है। एक वर्ष से अधिक हो गया…

पाती बिटिया के नाम-26 (ये कहाँ आ गए हम?)

 – डॉ विकास दवे प्रिय बिटिया! विज्ञान का नाम लेते ही हम एक काल्पनिक दुनिया में खोने लगते हैं। तेज रफ्तार से भागती जिन्दगी में…

भारतीय शिक्षा – ज्ञान की बात-33 (व्यक्तिगत विकास की शिक्षा)

 – वासुदेव प्रजापति अब तक हमने समग्र विकास प्रतिमान के प्रथम भाग में पंचकोशात्मक विकास को समझा है। आज से हम दूसरा भाग परमेष्ठीगत विकास…

बाल केन्द्रित क्रिया आधारित शिक्षा-26 (कौशल विकास)

 – रवि कुमार एक नवयुवक स्नातक पूर्ण कर आजीविका के लिए किसी के पास जाता है और नौकरी के लिए पूछता है। सामने वाला प्रश्न…