शिक्षकों, घर जाओ!

 – दिलीप बेतकेकर शीर्षक पढ़कर नाराज हो गये न आप? हमें ‘घर जाओ’ कहने वाले आप कौन? क्या अधिकार है आपको हमें घर भेजने का?…

शिक्षक साथियों, आओ हम आचार्य बनें

 – दिलीप बेतकेकर मैं अभी-अभी एक विद्यालय में शिक्षक पद पर पदस्थ हुआ था। नया ही था विद्यालय में। मेरे से एक-दो वर्ष पूर्व से…

आज की दुर्गा

– गोपाल माहेश्वरी नगर के अनेक चौराहों पर गरबों की धूम मची थी। रंगबिरंगी तेज जगमगाहट, भक्ति गीतों के पारंपरिक और फिल्मी धुनों वाले गरबा-गीतों…

2047 का विश्व गुरु भारत

– रवि कुमार भारत विश्व गुरु रहा है और 21वीं शताब्दी में पुनः उसी दिशा में अग्रसर है। 2012 के बाद राष्ट्र शक्ति के जनजागरण…

माँ का आँचल

– गोपाल माहेश्वरी देव आज शाला से थोड़ा विलंब से ही घर पहुँचा था। उसे जोरों की भूख लगी थी। घर में घुसते ही वह…

शिक्षक की सामाजिक प्रतिष्ठा

– दिलीप बेतकेकर कुछ वर्ष पूर्व की घटना है। किसी कार्यक्रम में मेरा एक पूर्व-परिचित सामाजिक कार्यकर्ता लम्बे समय पश्चात मिला। पूर्व में वह कार्यकर्ता…

शिक्षक बदलने पर शिक्षा बदलेगी

– दिलीप बेतकेकर “You can’t correct the spelling mistake of the child by giving a new pen.” “स्पेलिंग में की गई गलती को नया पेन…

पानी पूरी का ठेला

– रवि कुमार ‘पानी पूरी’ नाम सुनते ही मुंह में पानी आ जाता है। मारवाड़ के एक नगर के मोहल्ले के नुक्कड़ पर पानी पूरी…

रक्षा सूत्र

– गोपाल माहेश्वरी “जय जय श्रीमन्नारायण” कहते हुए परिवार के पुरोहित जी ने घर में प्रवेश किया। घर में एकदम शांति पसर गई। बच्चे बड़े…

दादरा-नगर हवेली सशत्र मुक्ति संग्राम की गौरव गाथा

 – अवनीश भटनागर परकीय शासन के विरूद्ध सतत् संघर्ष तथा असंख्य बलिदानों के सुपरिणाम के रूप में भारत ने 15 अगस्त 1947 को स्वाधीनता का…