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भारतीय शिक्षा – ज्ञान की बात 81 (शिक्षा की तंत्रगत समस्याएँ)

 ✍ वासुदेव प्रजापति आज की आधुनिक शिक्षा में शिक्षक गौण होता जा रहा है और तंत्र प्रमुख बनता जा रहा है। हमारे यहाँ तो कहा…

சுவாமி சின்மயானந்தாவின் வாழ்வும், பணியும்

✍ ராம ஜெயம் பாலகிருஷ்ணமேனன் எனும் இயற்பெயரைக் கொண்டு, அளவில்லா ஆர்வமும், எண்ணற்ற வினாக்களையும், மனதில் சுமந்து பயணித்ததோடு மட்டுமல்லாமல், உலகம் முழுவதும் ஆன்மிக வேதாந்த கருத்துகளைப் பரப்பியும்,கல்விப் பணிகள் ஆற்றியும் அருந்தொண்டாற்றியவரே சுவாமி…

विद्यार्थी गुण पंचकम

✍ दिलीप वसंत बेतकेकर मैं विद्यार्थी हूँ तो कैसा हूँ? विद्यार्थी के गुण, मुख्य लक्षण मुझ में विद्यमान है क्या? ऐसे प्रश्न कभी मुझे सामने…

शेन्दुर्णी का लाल-सुखलाल

✍ गोपाल माहेश्वरी देश में रह देश के जो शत्रुओं के मित्र हैं। उन शत्रुओं को दण्ड देना कर्म पुण्य पवित्र है। कोई विदेशी शत्रु…

भारतीय ज्ञान का खजाना-19 (भारतीय स्थापत्य शास्त्र भाग – एक)

✍ प्रशांत पोळ एक प्रश्न मैं कई बार अलग अलग मंचों से पूछता हूँ, और दुर्भाग्य से लगभग नब्बे प्रतिशत इसका उत्तर नहीं मिलता है,…

भारतीय मनीषियों के विचारों से भारत पुन: बनेगा विश्वगुरु

शिक्षा मनुष्य का परिष्कार करती है। शिक्षा ही उसके गुणों का संवर्द्धन कर देवत्व की ओर प्रेरित करती है। किन्तु शिक्षा के उद्देश्य उसके दर्शन…

भारतीय शिक्षा – ज्ञान की बात 80 (भारतीय शिक्षा में जीवन मूल्यों का ह्रास)

 ✍ वासुदेव प्रजापति सर्वप्रथम यह बात समझने योग्य है कि शिक्षा में मूल्य शब्द का प्रयोग भारतीय नहीं है। यह अंग्रेजी के ‘वेल्यु’ शब्द का…

चर्चा-संवाद का स्वास्थ्य पर प्रभाव

✍ रवि कुमार एक व्यक्ति नौकरी से आकर अपने कक्ष में कम्प्यूटर के सामने बैठकर अपने ऑनलाइन चैटरूम में व्यस्त रहता था। एक दिन उसका…

वल्लभाचार्य और शुद्धाद्वैत वेदान्त

✍ डॉ. गिरिधर गोपाल शर्मा वैदिक साहित्य के सिद्धान्तों की स्थापना उपनिषद् साहित्य में प्राप्त होने से उपनिषदों को वेदान्त कहा जाता है। अतः वेदान्त…

साहस शील हृदय में भर दे

✍ गोपाल माहेश्वरी सत्येंद्र आठवीं कक्षा का बहुत प्रतिभाशाली विद्यार्थी है। आज उसकी वार्षिक परीक्षा का तीसरा प्रश्नपत्र था। उसने बहुत अच्छी पढ़ाई की थी…