भारतीय शिक्षा – ज्ञान की बात 110 (भारतीय शिक्षा की पुनर्प्रतिष्ठा विद्यालय में करणीय प्रयास-1)

 ✍ वासुदेव प्रजापति विद्यालय समाज में ज्ञान का केन्द्र है। वहाँ जैसी ज्ञान की साधना होती है, वैसा ही समाज का सत्त्व निर्माण होता है।…

FOURTH YEAR OF NEP-2020 AND VIDYA BHARATI

✍ D. Ramakrishna Rao During the year under report, Vidya Bharati’s focus has been on the implementation and follow-up of the National Curriculum Framework. We…

अध्ययन के शत्रु – 2

✍ दिलीप बेतकेकर अनावश्यक भय हमारा कैसे नुकसान करता है यह हमने पूर्व में ही देखा। इच्छा शक्ति के अभाव से भी प्रगति में कैसे…

साहसी बालक राजेन्द्र नीलकंठ

✍ गोपाल माहेश्वरी शेष रहती है लड़ाई वीर की अंतिम क्षणों तक। देशभक्ति है बसी होती सदा जिनके मनों तक।। “तो क्या नेताजी के न…

छोटे-छोटे श्रवण कुमार

✍ गोपाल माहेश्वरी रागिनी और रोहित के माता-पिता दोनों कर्मचारी हैं दोनों बच्चे विद्यालय जाने के समय के अतिरिक्त अपनी बूढ़ी दादी मां के पास…

भारतीय शिक्षा – ज्ञान की बात 109 (भारतीय शिक्षा की पुनर्प्रतिष्ठा परिवार में करणीय प्रयास-3)

 ✍ वासुदेव प्रजापति परिवार में छोटे-बड़े अनेक सदस्य होते हैं। उन सबके स्वभाव, रुचि-अरुचि, गुण-दोष, क्षमताएँ आदि भिन्न-भिन्न होते हैं। कभी-कभी एक दूसरे की विरोधी…

भारतीय शिक्षा – ज्ञान की बात 108 (भारतीय शिक्षा की पुनर्प्रतिष्ठा परिवार में करणीय प्रयास-2)

 ✍ वासुदेव प्रजापति भारत में परिवार, शिक्षा का एक महत्त्वपूर्ण केन्द्र है। यह संस्कृति की शिक्षा है। हमारे यहाँ शास्त्र शिक्षा को छोड़कर सब प्रकार…

अध्ययन के शत्रु – 1

✍ दिलीप बेतकेकर एक चार बच्चे के माँ-पिताजी मिलने आए। चेहरे पर चिंता थी। कुर्सी पर बैठते ही पिताजी बोले – ‘हमारा अभिमन्यु अध्ययन के…

आजादी का उत्सव मनाने का अपराध

✍ गोपाल माहेश्वरी धरा से मान पृथक अपना अस्तित्व बुदबुदे बहते हैं। अलगाव भाव को भ्रम से वे अपनी आजादी कहते हैं।। यज्ञ कुण्ड में…

आषाढ़ का वह दिन

✍ गोपाल माहेश्वरी आषाढ़ मास आरंभ हो चुका था। गरमियों का सूनेपन से ऊब चुका आकाश इस माह कभी भी चित्र-विचित्र छोटे-बड़े बादलों से भर…