✍ गोपाल माहेश्वरी “आरती! जरा गाय को चारा डाल दे, भूखी होगी।” माँ ने कहा। “अभी डाल देती हूँ माँ!” आरती लगते जेष्ठ को चौदह…
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भारतीय शिक्षा – ज्ञान की बात 105 (भारतीय शिक्षा की पुनर्प्रतिष्ठा – व्यक्तिगत जीवन में करणीय प्रयास-1)
✍ वासुदेव प्रजापति भारतीय शिक्षा की पुनर्प्रतिष्ठा करने हेतु हमें सभी संभावित क्षेत्रों का गहनता से विचार करना होगा। जब तक हमारा चिन्तन कृति में…
अभ्यास के औजार
✍ दिलीप वसंत बेतकेकर विभिन्न कार्यों के लिए हम विभिन्न प्रकार के औजार, शस्त्र आदि का प्रयोग करते हैं। नाई के औजार डाक्टर के औजारों…
सात बरस का रघुनाथ भी
✍ गोपाल माहेश्वरी होता नहीं शस्त्र कोई भी जो साहस पर भारी हो। उम्र कहाँ बाध बनती है जब मन की तैयारी हो।। भक्ति भगवान…
रामायण सत कोटि अपारा-4 (विदेशों में रामकथा का प्रभाव)
✍ रवि कुमार प्रसिद्ध भजन है – “हमारे साथ श्री रघुनाथ तो, किस बात की चिंता। शरण में रख दिया जब माथ तो, किस बात…
भारतीय शिक्षा – ज्ञान की बात 104 (भारतीय शिक्षा की पुनर्प्रतिष्ठा – अनुसंधान की देशव्यापी योजना)
✍ वासुदेव प्रजापति अध्ययन व अनुसंधान की देशव्यापी योजना बनाने से पूर्व हमें अनुभूति प्रमाण, धर्म प्रमाण और वेद प्रमाण पर पूरे देश में, विशेष…
पढ़ेंगे तभी बढ़ेंगे – २
✍ दिलीप वसंत बेतकेकर पुस्तक खुलते ही अपने को पंख लगे होने का अनुभव होता है। ‘When books are opened, you discover you have wings’…
भारतीय शिक्षा – ज्ञान की बात 103 (भारतीय शिक्षा की पुनर्प्रतिष्ठा – अनुसंधान में प्रमाण व्यवस्था)
✍ वासुदेव प्रजापति जब हम अध्ययन-अनुसंधान विषय पर विचार करते हैं तो सबसे पहला विचारणीय बिन्दु प्रमाण व्यवस्था ध्यान में आता है। क्योंकि अध्ययन-अनुसंधान के…
हिन्दू नववर्ष की प्रासंगिकता
✍ वासुदेव प्रजापति हिन्दू नववर्ष आदिकाल से मनाया जाने वाला सांस्कृतिक व ऐतिहासिक पर्व है। यह पर्व राष्ट्रीय बोध, हमारी प्राचीन वैज्ञानिकता एवं विश्व कल्याण…
नई संवत् की नई भोर
✍ गोपाल माहेश्वरी नवल और किसलय नववर्ष की तैयारियां करने में जुटे थे। हुआ यह कि अनके पिताजी का स्थानांतरण होने से वे इस महानगर…