रामायण सत कोटि अपारा-2 (‘रामलीला’ नाट्य मंचन का प्रभाव)

✍ रवि कुमार पौष शुक्ल द्वादशी, 22 जनवरी को श्रीराम जन्मभूमि अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा से एक बार पुनः सारा देश राममय हो…

भारतीय शिक्षा – ज्ञान की बात 97 (भारतीय शिक्षा की पुनर्प्रतिष्ठा के करणीय प्रयास)

 ✍ वासुदेव प्रजापति ‘ज्ञान की बात’ का आज से पाँचवें वर्ष में प्रवेश हो रहा है। अब तक हमने 96 ज्ञान की बातों का पठन…

रामलला के धाम

✍ गोपाल माहेश्वरी   “दादी! हम नहीं चलेंगे अयोध्या जी!” सात वर्ष के राघव ने शाला से लौटते ही पूछा। “चलेंगे जब राम जी बुला…

याद रखें भी कैसे?

✍ दिलीप वसंत बेतकेकर वैभवी अभ्यास तो बहुत करती है, प्रामाणिकता से। परन्तु उसमें कुछ बाधाएँ हैं। ‘सर मैं पढ़ती तो बहुत हूँ, परन्तु भूल…

नन्हा क्रान्तिकारी – दत्तू रंगारी

✍ गोपाल माहेश्वरी घुट्टी में जो राष्ट्रभक्ति का पान किया करते हैं। स्वतंत्रता अनमोल समझ बलिदान दिया करते हैं।। 15 अगस्त और 26 जनवरी पर…

रामायण सत कोटि अपारा

✍ रवि कुमार सम्पूर्ण देश व जगत राममय है। जन-जन के मुख पर राम का नाम है। 22 जनवरी 2024 को श्रीराम जन्मभूमि पर रामलला…

भारतीय शिक्षा – ज्ञान की बात 96 (आशा की किरण कहाँ हैं?)

 ✍ वासुदेव प्रजापति यूरोप ने पाँच सौ वर्ष पूर्व सम्पूर्ण विश्व का यूरोपीकरण करने का बीड़ा उठाया था। पूरे विश्व में छा जाने हेतु यूरोप…

तुलना, स्पर्धा स्वयं से!!

✍ दिलीप वसंत बेतकेकर एक अत्यंत गरीब आदमी, भरी दोपहरी में, तपती धूप में, बगैर चप्पल पहने, रास्ते से जा रहा था। धूप से पैर…

राष्ट्रीय शिक्षा नीति के क्रियान्वयन में भारतीय भाषाओं की प्रासंगिकता

✍ डॉ. कुलदीप मेहंदीरत्ता एक प्राचीन राष्ट्र के रुप में भारत, विविध भाषाओं का अद्भुत सामाजिक मिश्रण है, जहाँ बड़े लंबे समय से भारत के…

भारतीय शिक्षा – ज्ञान की बात 95 (यूरोपीकरण और साम्यवाद)

 ✍ वासुदेव प्रजापति आजकल हमारे देश में साम्यवाद शब्द बड़ा प्रचलित है। यह साम्यवाद शब्द भी यूरोपीकरण का ही एक आयाम है। हमारे यहाँ अंग्रेजी…