– वासुदेव प्रजापति शिक्षा के प्रयोजनों को जानने के क्रम में हमने शिक्षा का सांस्कृतिक प्रयोजन, शिक्षा का राष्ट्रीय प्रयोजन एवं शिक्षा का सामाजिक प्रयोजन…
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गीता में भाव-निष्पत्ति
– डॉ. विन्ध्यवासिनी प्रसाद त्रिपाठी गीता ग्रन्थ वाग्यज्ञ का प्रसाद है। भगवान कृष्ण इसके प्रस्तोता हैं, ये ही इस यज्ञ के ब्रह्मा हैं,म ये ही…
लोकमान्य तिलक जी द्वारा लिखित ‘गीता रहस्य’ एक अद्भुत साहित्य कृति
– डा. आशिष मुकंद पुराणिक लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक ने अपने जीवन काल में शिक्षा, राजनीति, अर्थशास्त्र, समाजशास्त्र, अध्यात्म आदि ऐसे अनेक विषयों पर प्रस्तुतीकरण…
ज्ञान की बात 47 (शिक्षा समाजनिष्ठ होती है)
– वासुदेव प्रजापति शिक्षा के प्रयोजनों के अन्तर्गत हमने उसके सांस्कृतिक प्रयोजन एवं राष्ट्रीय प्रयोजन को जाना। आज हम शिक्षा के सामाजिक प्रयोजन को जानेंगे।…
पाती बिटिया के नाम-38 (प्रधानमंत्रीजी! जरा पहले आईए फिर मेरी गऊएँ आराम करेंगी…)
– डॉ विकास दवे प्रिय बिटिया! दीपोत्सव के पाँच दिवसीय हर्षोल्लास का एक दिन समर्पित होता है गौमता को। तुम एकदम सही समझी, मैं बात…
कैसे अंग्रेजों ने भारतीय वस्त्र उद्योग को तार-तार किया – आओ जाने-2
– प्रशांत पोळ अंग्रेजों ने तय करके भारतीय वस्त्र उद्योग को नष्ट किया। वे इस उद्योग की महत्ता और इसके कारण भारत के वैश्विक महत्व…
कैसे अंग्रेजों ने भारतीय वस्त्र उद्योग को तार-तार किया – आओ जाने-1
– प्रशांत पोळ हजार-दो हजार वर्ष पहले, जब भारत विश्व व्यापार में सिरमौर था, तब उस व्यापार का एक बड़ा हिस्सा था – कपड़ा उद्योग।…
भारतीय शिक्षा – ज्ञान की बात 46 (शिक्षा राष्ट्रीय होती है)
– वासुदेव प्रजापति भारत में शिक्षा का विचार समग्रता में किया गया है। शिक्षा सदैव बालक को दी जाती है। किन्तु वह केवल बालक के…
बाल केन्द्रित क्रिया आधारित शिक्षा- 29 (योग शिक्षा)
– रवि कुमार योग आज सर्वदूर सभी की चर्चा का विषय बना है। गत कुछ वर्षों से यह सभी की दिनचर्या का भाग बना है।…
भारतीय शिक्षा – ज्ञान की बात 45 (भारतीय शिक्षा सत्य व धर्म सिखाती है)
– वासुदेव प्रजापति भारत में दी जाने वाली शिक्षा भारतीय नहीं है। यह शिक्षा विद्यार्थी को जीवन के लिए नहीं अपितु नौकरी के लिए तैयार…