आजाद हिंद फौज की भूमिका

 – डॉ कुलदीप मेहंदीरत्ता नेताजी सुभाष चंद्र बोस को आजाद हिंद फौज अथवा इंडियन नेशनल आर्मी का वास्तविक संस्थापक और संगठक माना जाता है। भारत…

ज्ञान की बात 39 (परमेष्ठीगत विकास)

 – वासुदेव प्रजापति अब तक हमने व्यष्टिगत विकास, समष्टिगत विकास और सृष्टिगत विकास को समझा, आज हम परमेष्ठीगत विकास को समझेंगे। विकास का यह अन्तिम…

ज्ञान की बात 38 (सृष्टिगत विकास)

 – वासुदेव प्रजापति अब तक हमने व्यष्टि और समष्टि के सम्बन्धों को जाना, आज हम सृष्टि के साथ व्यक्ति के सम्बन्धों को जानने का प्रयत्न…

कैसे अंग्रेजों ने ध्वस्त की भारत की विकसित शिक्षा प्रणाली : आओ जाने – 2

– प्रशांत पोळ ऑस्ट्रिया के एक मिशनरी, जॉन फिलिप वेस्डिन, अठारहवीं शताब्दी के अंत में केरल के मलाबार में काम कर रहे थे। । वर्ष…

भारतीय शिक्षा – ज्ञान की बात-36 (राष्ट्रगत विकास)

 – वासुदेव प्रजापति व्यष्टि और समष्टि के सम्बन्धों के अन्तर्गत हमने व्यक्ति और परिवार तथा व्यक्ति और समाज के सम्बन्धों को जाना। आज हम व्यक्ति…

भारतीय शिक्षा – ज्ञान की बात-35 (समाजगत विकास)

 – वासुदेव प्रजापति इससे पूर्व हमने व्यष्टि, समष्टि, सृष्टि व परमेष्ठी नामक चारों संज्ञाओं का अर्थ समझा। समष्टि के चार चरण – परिवार, समाज, राष्ट्र…

नदियों के मर्म को सुनना ही होगा

 – डॉ० रविन्द्र नाथ तिवारी नदियों के देश कहे जाने वाले भारत में मुख्यतः चार नदी प्रणालियाँ हैं। उत्तर भारत में सिंधु, मध्य भारत में…

भारतीय शिक्षा – ज्ञान की बात-34 (परिवारगत विकास)

 – वासुदेव प्रजापति व्यक्ति अकेला नहीं रह सकता। उसका जीवन जिन पर निर्भर है, उन सबके साथ वह तालमेल बिठाकर रहता है। व्यक्ति का जीवन…

1857 का राष्ट्रीय स्वतन्त्रता संग्राम : एक विश्लेषण

– डॉ कुलदीप मेहंदीरत्ता 1857 का स्वतन्त्रता संग्राम पूरे भारत के नागरिकों के लिए उनके पूर्वजों के संघर्ष की वह कहानी है जिसका सारे विश्व…

कैसे अंग्रेजों ने ध्वस्त की भारत की विकसित शिक्षा प्रणाली : आओ जाने – 1

 – प्रशांत पोळ हमारे देश में शिक्षा व्यवस्था तथा पाठशालाएं अंग्रेजों ने प्रारंभ की, ऐसा कहा जाता है। अंग्रेज़ आने के पहले देश में शिक्षा…