भारत जैसे विशाल देश में, जहाँ संविधान में 18 भाषाओं को आठवीं अनुसूची में रखा गया है और 800 से अधिक भाषाएँ बोली-समझी जाती हों,…
Category: लेख
Making the Education Nation- Centric
On the occasion of the 150th birth anniversary of Swami Vivekananda being celebrated all over the country and the World, it is the high time…
विद्यार्थी जीवन एक आदर्श जीवन कैसे बने?
सुखार्थीः चेत् त्यजेत् विद्याम् विद्यार्थीः चेत् त्यजेत् सुखम् ॥ अर्थात् यदि सुख की कामना है तो विद्या की आशा छोड़ दें और यदि विद्या की कामना…
शिक्षा का वर्तमान स्वरूप : भौतिक व व्यक्ति केन्द्रित
शिक्षा की प्रक्रिया के माध्यम से ही मानव शिशु का शारीरिक, मानसिक, बौद्धिक, नैतिक एवं आध्यात्मिक विकास होकर वह समाज में उपयुक्त स्थान ग्रहण करता…
मातृभाषा – बुद्धि विस्तार का एक मात्र साधन
‘‘मैं अच्छा वैज्ञानिक इसलिए बना, क्योंकि मैंने गणित और विज्ञान की शिक्षा मातृभाषा में प्राप्त की । (धरमपेठ कॉलेज नागपुर) – डॉ अब्दुल कलाम भाषा,…
समाज जीवन की कौन सी चुनौती शिक्षा क्षेत्र की नहीं?
– अवनीश भटनागर शिक्षा जीवन के विकास की यात्रा है। व्यक्तित्व के विकास का एक मात्र माध्यम शिक्षा ही है। विश्वभर के शिक्षाविद् कहते हैं…