– Dr KK Aggarwal The Bhagavad Gita (7.16) has described four types of devotees. “catur-vidhabhajante mam janahsukrtino ‘rjuna artojijnasurartharthi jnani ca bharatarsabha” चतुर्विधाभजन्तेमांजना: सुकृतिनोऽर्जुन ।…
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मातृभाषा के बिना मौलिक विचारों का सृजन सम्भव नहीं
– देशराज शर्मा जन्म लेने के बाद मानव जो प्रथम भाषा सीखता है उसे उसकी मातृभाषा कहते है। मातृभाषा, किसी भी व्यक्ति की सामाजिक एवं…
कब आयेंगे शिक्षा के अच्छे दिन?
– अवनीश भटनागर प्रख्यात रूसी साहित्यकार लियो टॉल्सटॉय (1828-1910) ने लिखा है, “शिक्षाशास्त्र बहुत कुछ आधुनिक चिकित्साशास्त्र जैसा है, जो हमें बताता है कि प्रकृति…
क्षमता का विकास कैसे करें?
– अवनीश भटनागर क्षमता अर्थात् किसी-किसी में जन्मजात होती है कोई-कोई विकसित करने का प्रयास करता है। उनमें भी कोई-कोई सफल होता है। किसी अन्य…
पू. सरसंघचालक डॉ मोहन भागवत द्वारा शिक्षा पर प्रश्नोत्तर का सम्पादित अंश, भविष्य का भारत – संघ का दृष्टिकोण, (तृतीय दिवस), 20 सितंबर 2018, दिल्ली
प्रश्न – शिक्षा में भारतीय मूल्य। शिक्षा में परम्परा और आधुनिकता का समन्वय वेद, रामायण, महाभारत आदि का शिक्षा में समावेश, सहशिक्षा आदि विषयों…
शिक्षक राष्ट्र निर्माता बनें !
– वासुदेव प्रजापति आज शिक्षक से राष्ट्र निर्माता बनने की अपेक्षा करना भले ही आतिश्योक्त्तिपूर्ण लगता होगा, किन्तु वास्तविकता यही है कि भारत राष्ट्र को…
शिक्षक के प्रेरणा स्त्रोत राष्ट्र निर्माता शिक्षक
– वासुदेव प्रजापति एक स्वाभाविक प्रश्न खड़ा होता है कि इस अर्थ प्रधान युग में शिक्षक को राष्ट्र निर्माता की भूमिका निभाने की प्रेरणा कहाँ…
आदर्श शिक्षक की भारतीय संकल्पना
– डॉ शिव भूषण त्रिपाठी भारतीय मनीषा की चिन्तन धारा में एक गति है प्रवाह है जो हमें परम्परा से प्राप्त हुई है। हमारे…
भारतीय शिक्षा ग्रंथमाला के लोकार्पण अवसर पर माननीय डॉ मोहन भागवत जी के उद्बोधन के संपादित अंश
पुनरुत्थान विद्यापीठ द्वारा प्रकाशित भारतीय शिक्षा ग्रंथमाला के लोकार्पण हेतु दिनांक 09 सितम्बर 2017 को केदारनाथ साहनी सभागार, नई दिल्ली में आयोजित समारोह में राष्ट्रीय…
नई पीढ़ी को पर्यावरण संरक्षण कैसे सिखाएँ
-रवि कुमार जितने विषय समाज जीवन को प्रभावित करते है उनमें सबसे महत्वपूर्ण शिक्षा है । शिक्षा मानव को मानव बनना सिखाती है । दुनियां…