– डॉ शिव भूषण त्रिपाठी भारतीय मनीषा की चिन्तन धारा में एक गति है प्रवाह है जो हमें परम्परा से प्राप्त हुई है। हमारे…
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भारतीय शिक्षा ग्रंथमाला के लोकार्पण अवसर पर माननीय डॉ मोहन भागवत जी के उद्बोधन के संपादित अंश
पुनरुत्थान विद्यापीठ द्वारा प्रकाशित भारतीय शिक्षा ग्रंथमाला के लोकार्पण हेतु दिनांक 09 सितम्बर 2017 को केदारनाथ साहनी सभागार, नई दिल्ली में आयोजित समारोह में राष्ट्रीय…
नई पीढ़ी को पर्यावरण संरक्षण कैसे सिखाएँ
-रवि कुमार जितने विषय समाज जीवन को प्रभावित करते है उनमें सबसे महत्वपूर्ण शिक्षा है । शिक्षा मानव को मानव बनना सिखाती है । दुनियां…
दिशा बोध – राष्ट्र के सम्मुख क्या-क्या चुनौती है और उसका निराकरण क्या है?
– मा. रंगाहरि (झिंझौली में संपन्न विद्या भारती साधारण सभा बैठक, चैत्र युगाब्द 5102 के उद्घाटन अवसर पर विद्या भारती के मार्गदर्शक मा. रंगहरि जी…
पर्यावरण संरक्षण के विषय में क्या है भारतीय दृष्टि
– रवि कुमार आज पर्यावरण की चर्चा सर्वत्र है । सामान्य व्यक्ति से लेकर देश के बुद्धिजीवी तक और देश ही नहीं दुनियाँ के बुद्धिजीवी…
भारत में भारतीय शिक्षा को पुनर्स्थापित करने वाले : विवेकानंद
– रवि कुमार आज शिक्षा की चर्चा सर्वत्र है । देश भर में जिस प्रकार की शिक्षा पद्धति चल रही है उसका गुरुत्व केंद्र भारत…
अभिनव भारत की संकल्पना और शिक्षा-3
– अवनीश भटनागर शिक्षा के समक्ष चुनौती : आजकल वाट्सप पर अनेक सन्देश आते हैं । मेरे एक मित्र ने मुझे एक मेसेज भेजा, मैं…
अभिनव भारत की संकल्पना और शिक्षा-2
– अवनीश भटनागर पंचकोशात्मक विकास भारत में शिक्षा जीवन विकास के लिए दी जाती रही है । उपनिषद् में व्यक्ति का व्यक्त्त्वि पंचकोशात्मक बताया है…
अभिनव भारत की संकल्पना और शिक्षा-1
– अवनीश भटनागर शिक्षा एक ऐसा पक्ष है, जिससे किसी भी राष्ट्र की प्रगति या अवनति जुड़ी हुई है । राष्ट्र के सर्वांगीण विकास में…
राष्ट्र की सम्पर्क भाषा के रूप में हिन्दी का मानकीकरण अपेक्षित
भारत जैसे विशाल देश में, जहाँ संविधान में 18 भाषाओं को आठवीं अनुसूची में रखा गया है और 800 से अधिक भाषाएँ बोली-समझी जाती हों,…