सा विद्या या विमुक्तये
✍ वासुदेव प्रजापति सर्वप्रथम यह बात समझने योग्य है कि शिक्षा में मूल्य शब्द का प्रयोग भारतीय नहीं है। यह अंग्रेजी के ‘वेल्यु’ शब्द का…
✍ वासुदेव प्रजापति हम भारतवासी स्वयं को आर्य कहते थे और मानते थे। आर्य अर्थात संस्कारित, आर्य अर्थात श्रेष्ठ। वह व्यक्ति जो भौतिक स्तर से…
✍ वासुदेव प्रजापति अंग्रेजों ने हमारी देशी शिक्षा व्यवस्था की पूर्ण उपेक्षा करने की नीति अपनाई। उस समय ब्रिटेन के सामने न तो सार्वजनिक शिक्षा…
✍ वासुदेव प्रजापति हमारे देश में अंग्रेजों के आने तक शिक्षा कभी भी शासन के अधीन नहीं रही। अंग्रेजों ने भारतीय शिक्षा को शासन के…
✍ वासुदेव प्रजापति अंग्रेजों के भारत में आने तक हमारी शिक्षा व्यवस्था स्वायत्त थी। शिक्षा शिक्षक के अधीन थी और समाज के पोषण से चलती…
✍ वासुदेव प्रजापति इतिहास को विकृत करने वाला जेम्स मिल दूसरा प्रयत्न हुआ भारतीय इतिहास की प्राचीनता को नकारने का। इस हेतु से उन्होंने दो…
✍ वासुदेव प्रजापति “ज्ञान की बात” राष्ट्रीय शिक्षा डॉटकॉम पर प्रसारित होने वाला एक पाक्षिक स्तम्भ है। इसमें भारतीय शिक्षा की मूलभूत अवधारणाओं को स्पष्ट…
– वासुदेव प्रजापति शिक्षा में स्वायत्तता और स्वतंत्रता की माँग अनेक शिक्षाविद और शैक्षिक संगठन समय-समय पर करते हुए सुनाई देते हैं, किन्तु स्वायत्तता प्राप्त…
– वासुदेव प्रजापति आज नारी स्वतंत्र अवश्य हुई है, परन्तु समान नहीं हुई है। उसे वही काम करने की चाह है, और उन्हीं कामों में…
– वासुदेव प्रजापति शिक्षा क्षेत्र में आज सर्वत्र सहशिक्षा का बोलबाला है। बालक-बालिका ही नहीं अभिभावक भी सहशिक्षा के पक्ष में खड़े दिखाई देते हैं।…