– डॉ विकास दवे प्रिय बिटिया! तुमको यह जानकारी तो है ही कि 1813 में शिकागो (अमेरिका) में विश्व स्तरीय सर्वधर्म सम्मेलन सम्पन्न हुआ था।…
Category: कथा-कहानी
पाती बिटिया के नाम-43 (पुरुषार्थ और प्रतिभा)
– डॉ विकास दवे प्रिय बिटिया! हम यदि एक बार दृढ़ निश्चय कर लें और श्रमनिष्ठा हृदय में हो तो सफलताएँ स्वयं चलकर चरण चूमती…
पाती बिटिया के नाम-42 (समभाव ऐसा होता है)
– डॉ विकास दवे प्रिय बिटिया! हम सबके जीवन में ऐसे अनेक प्रसंग आते हैं जब अनायास हमारी भेंट किसी ऐसे व्यक्तित्व से हो जाती…
पाती बिटिया के नाम-41 (राष्ट्र भाषा के प्रयोग का आग्रह)
– डॉ विकास दवे प्रिय बिटिया! गत पत्र से हमारी बातचीत का क्रम प्रारम्भ हुआ था कुछ स्मरणीय मुलाकातों का। आओ इस बार चर्चा करें…
पाती बिटिया के नाम-40 (दोष हमारा, श्रेय राम का)
– डॉ विकास दवे प्रिय बिटिया! अनायास समाचार पत्रों में पढऩे को मिला कि मा. आचार्य विष्णुकांतजी शास्त्री अब हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल होंगे। पढ़ते…
पाती बिटिया के नाम-39 (जाग उठे हैं गिरी-वनवासी)
– डॉ विकास दवे जाग उठे हैं गिरी-वनवासी, जाग उठा है हिन्दुस्थान नहीं वस्त्र भोजन के भूखे, वनवासी चाहें सम्मान प्रिय बिटिया! एक बार स्वामी…
पाती बिटिया के नाम-38 (प्रधानमंत्रीजी! जरा पहले आईए फिर मेरी गऊएँ आराम करेंगी…)
– डॉ विकास दवे प्रिय बिटिया! दीपोत्सव के पाँच दिवसीय हर्षोल्लास का एक दिन समर्पित होता है गौमता को। तुम एकदम सही समझी, मैं बात…
पाती बिटिया के नाम-37 (समय प्रबंधन)
– डॉ विकास दवे प्रिय बिटिया ! यह पत्र आपके हाथों में पहुंचने तक आधा ग्रीष्मावकाश बीत चुका होगा। अवकाश शायद आपके लिए कितना आनंददायक…
पाती बिटिया के नाम-36 (बड़ा काम कैसे होता है? पूछा मेरे मन ने)
– डॉ विकास दवे प्रिय बिटिया! आज एक सच्ची घटना सुनाता हूँ। उस दिन भोपाल जाने हेतु सुबह की पहली ट्रेन से निकलना तय हुआ।…
पाती बिटिया के नाम-35 (आओ फिर से दिया जलाएँ)
– डॉ विकास दवे प्रिय बिटिया! दीपोत्सव का पर्व फिर आ गया है, आपके और आपके मित्रों के मन में उमंग हिलोरे लेने लगी अभी…