सा विद्या या विमुक्तये
✍ गोपाल माहेश्वरी “जन गण मन अधिनायक जय है भारत भाग्यविधाता” भारत का राष्ट्रगान, सामूहिक स्वरों में यह गीत वातावरण में एक विशेष चेतना भर…
राघव अभी केवल नौ वर्ष का था। प्रतिदिन अपने ताऊ जी और उनके बेटे माधव के साथ नियमित शाखा जाता। ताऊ जी ने आज बाल…
– गोपाल माहेश्वरी “जय हनुमान ज्ञान गुन सागर। जय कपीश तिहुँ लोक उजागर।। रामदूत अतुलित बलधामा। अंजनिपुत्र पवन सुत नामा।” विवेक की आवाज सारे घर…
– गोपाल माहेश्वरी दीपावली का दिन था पर राम प्रातः से ही अनमना बैठा था। त्योहार था पर मन में उत्साह नहीं था। वस्तुतः कोरोनाकाल…
– गोपाल महेश्वरी रोचक संयोग ही था कि भारत भूषण जी का जन्म भी पन्द्रह अगस्त 1947 को ही हुआ था और उनके पौत्री यानि…
– डॉ विकास दवे प्रिय बिटिया! हम सबके सुपरिचित ‘पै चाचा’ यानी श्री अनंत पै का नाम हममें से अधिकांश लोग जानते हैं। यदि मैं…
– डॉ विकास दवे प्रिय बिटिया! प्रतिदिन समाचार-पत्र पढऩे की आदत तो तुमने बना ही ली होगी। वैसे भी वर्तमान घटनाचक्र से हमें सदैव परिचित…
– डॉ विकास दवे प्रिय बिटिया! तुमको यह जानकारी तो है ही कि 1813 में शिकागो (अमेरिका) में विश्व स्तरीय सर्वधर्म सम्मेलन सम्पन्न हुआ था।…
– डॉ विकास दवे प्रिय बिटिया! हम यदि एक बार दृढ़ निश्चय कर लें और श्रमनिष्ठा हृदय में हो तो सफलताएँ स्वयं चलकर चरण चूमती…
– डॉ विकास दवे प्रिय बिटिया! हम सबके जीवन में ऐसे अनेक प्रसंग आते हैं जब अनायास हमारी भेंट किसी ऐसे व्यक्तित्व से हो जाती…