✍ गोपाल माहेश्वरी रघु और मधु दोनों गहरे मित्र संध्या समय कालोनी के बगीचे में बैठे थे। मंद शीतल पवन में वृक्ष और पौधे आनंद…
Category: कथा-कहानी
जन गण मन
✍ गोपाल माहेश्वरी “जन गण मन अधिनायक जय है भारत भाग्यविधाता” भारत का राष्ट्रगान, सामूहिक स्वरों में यह गीत वातावरण में एक विशेष चेतना भर…
अनमोल भूमि अमर बलिदान
राघव अभी केवल नौ वर्ष का था। प्रतिदिन अपने ताऊ जी और उनके बेटे माधव के साथ नियमित शाखा जाता। ताऊ जी ने आज बाल…
हमारा संविधान
– गोपाल माहेश्वरी “जय हनुमान ज्ञान गुन सागर। जय कपीश तिहुँ लोक उजागर।। रामदूत अतुलित बलधामा। अंजनिपुत्र पवन सुत नामा।” विवेक की आवाज सारे घर…
राम की दीवाली
– गोपाल माहेश्वरी दीपावली का दिन था पर राम प्रातः से ही अनमना बैठा था। त्योहार था पर मन में उत्साह नहीं था। वस्तुतः कोरोनाकाल…
घर-घर तिरंगा – हर घर तिरंगा
– गोपाल महेश्वरी रोचक संयोग ही था कि भारत भूषण जी का जन्म भी पन्द्रह अगस्त 1947 को ही हुआ था और उनके पौत्री यानि…
पाती बिटिया के नाम-44 (पै चाचा!)
– डॉ विकास दवे प्रिय बिटिया! हम सबके सुपरिचित ‘पै चाचा’ यानी श्री अनंत पै का नाम हममें से अधिकांश लोग जानते हैं। यदि मैं…
पाती बिटिया के नाम-45 (ईमानदारी दिखावटी गहना नहीं)
– डॉ विकास दवे प्रिय बिटिया! प्रतिदिन समाचार-पत्र पढऩे की आदत तो तुमने बना ही ली होगी। वैसे भी वर्तमान घटनाचक्र से हमें सदैव परिचित…
पाती बिटिया के नाम-44 (स्वाभिमानी रामतीर्थ)
– डॉ विकास दवे प्रिय बिटिया! तुमको यह जानकारी तो है ही कि 1813 में शिकागो (अमेरिका) में विश्व स्तरीय सर्वधर्म सम्मेलन सम्पन्न हुआ था।…
पाती बिटिया के नाम-43 (पुरुषार्थ और प्रतिभा)
– डॉ विकास दवे प्रिय बिटिया! हम यदि एक बार दृढ़ निश्चय कर लें और श्रमनिष्ठा हृदय में हो तो सफलताएँ स्वयं चलकर चरण चूमती…