विश्वहित का अनुसंधान यज्ञ

✍ गोपाल माहेश्वरी उनके सामने मिट्टी की दो मटकियां, एक बड़े से कटोरे जैसे पात्र में बारीक छनी हुई मिट्टी का गाढ़ा घोल और कपड़े…

रामलला के धाम

✍ गोपाल माहेश्वरी   “दादी! हम नहीं चलेंगे अयोध्या जी!” सात वर्ष के राघव ने शाला से लौटते ही पूछा। “चलेंगे जब राम जी बुला…

भारतीय ज्ञान परंपरा

✍ गोपाल माहेश्वरी “गुरुदेव! प्रणाम।” अनिरुद्ध ने बैठक कक्ष में प्रवेश कर सामने बैठे हुए अपने शिक्षक विद्वांस जी के चरण स्पर्श किए। “आओ आओ…

अंदर के दीपक

✍ गोपाल माहेश्वरी वीर ने जैसे ही दीपक जलाए हवा के झोंके ने बुझा दिए। उसने फिर जलाए, फिर ऐसा ही हुआ। तीसरी चौथी बार…

नई दुर्गा

✍ गोपाल माहेश्वरी नवरात्रि का आरंभ होने वाले थे। द्युति ने निश्चय किया कि वह नौ दिनों का व्रत रखेगी। दिन में केवल एक समय…

मोक्ष

✍ गोपाल माहेश्वरी वह था तो अभी मात्र दस वर्ष का पर माता-पिता के असमय ही सदा के लिए छूट जाने के बाद एकदम अकेला…

चिंतन और चेतना

✍ गोपाल माहेश्वरी चिंतन और चेतना सगे भाई-बहिन हैं। नाम का प्रभाव उनके विचारों पर भी स्पष्ट दिखाई देता है। पिताजी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के…

गुरु आश्रम की ओर

✍ गोपाल माहेश्वरी प्रातःकाल पाँच बजने को थे कि घर में खटर-पटर की आवाजों से गौरव की नींद टूट गई। उसे पता था दादा जी-…

नमस्ते वन देवता

✍ गोपाल माहेश्वरी प्राकृत अपनी सायकिल लेकर प्रातः से ही निकल पड़ा था। शीतलमंद पवन के झकोरे उसके तन मन में स्फूर्ति और आनंद का …

बेटा नहीं बेटी

✍ गोपाल माहेश्वरी निपुण शाला से लौट कर आया और मैदान में खेलने चला गया। कबड्डी और खो-खो उसकी मित्र मंडली के प्रिय खेल थे।…