– डॉ विकास दवे प्रिय बिटिया! रंगों के पर्व होली की ढेरों शुभकामनाएँ। जब बात होती है रंगों की तो याद आने लगती है धमाल,…
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बाल केन्द्रित क्रिया आधारित शिक्षा-27 (21वीं सदी के अभिभावकों की शिक्षा)
– रवि कुमार ‘अभिभावक’ शब्द पर विचार करते हैं तो ध्यान में आता है माता-पिता। एक शब्द और चलता है – ‘पाल्य या पालक’ अर्थात्…
भारतीय शिक्षा – ज्ञान की बात 41 (मनोवैज्ञानिक सन्दर्भ में संस्कार)
– वासुदेव प्रजापति हम संस्कारों को तीन सन्दर्भों में समझ सकते हैं। ये तीन सन्दर्भ हैं —। मनोवैज्ञानिक सन्दर्भ में सामाजिक-सांस्कृतिक सन्दर्भ में पारम्परिक कर्मकांड…
अपयश को भी झेलो!
– दिलीप वसंत बेतकेकर अपयश किसको अच्छा लगता है? किसी को भी नहीं। प्रत्येक व्यक्ति को सफलता और यश ही चाहिए परन्तु क्या वास्तव में…
पाती बिटिया के नाम-33 (गणपति बप्पा-मोरिया!!!)
– डॉ विकास दवे प्रिय बिटिया! लो गणेश चतुर्थी आ पहुँची। गणपति बप्पा मोरिया के नारों के साथ एक बार फिर लगातार दस दिनों तक…
ज्ञान की बात 40 (संस्कार परम्परा)
– वासुदेव प्रजापति संस्कार शब्द का प्रयोग सर्वत्र प्रचलित है। शिक्षा में संस्कारों का अभाव सर्वविदित है। विशेष रूप से शिशु शिक्षा में संस्कारों का…
ऋतुचर्या अनुसार भोजन
– रवि कुमार जुलाई-अगस्त का मास है। वर्षा होने की संभावना है। घर के सदस्यों में चर्चा चल रही है और वर्षा होने लगती है।…
आजाद हिंद फौज की भूमिका
– डॉ कुलदीप मेहंदीरत्ता नेताजी सुभाष चंद्र बोस को आजाद हिंद फौज अथवा इंडियन नेशनल आर्मी का वास्तविक संस्थापक और संगठक माना जाता है। भारत…
पाती बिटिया के नाम-32 (देव पशु?)
– डॉ विकास दवे प्रिय बिटिया! वैसे तो ‘पशु’ शब्द ही अपने आप में निम्रता का सूचक होता है किन्तु क्या जब भी आप किसी…
भारतीय परम्परागत रसोई
– रवि कुमार जीवन स्वस्थ रहा तो सब कुछ अच्छा रहता है। स्वास्थ्य का सम्बन्ध शारीरिक व मानसिक दोनों से ही है। स्वास्थ्य के लिए…