– वासुदेव प्रजापति अब तक हमने व्यक्ति के परिवार के साथ सम्बन्ध, समाज के साथ सम्बन्ध, राष्ट्र के साथ सम्बन्ध कैसे होने चाहिए? इन सब…
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पालक, पालय और पैसा
– दिलीप वसंत बेतकेकर “Money is a terrible master but an excellent servant.” “पैसा मालिक के रूप में भयानक है, परन्तु नौकर के रूप में…
पाती बिटिया के नाम-29 (दृढ़ निश्चय)
– डॉ विकास दवे प्रिय बिटिया, ‘भारत’ प्रारंभ से ही बड़ा शांतिप्रिय और गंभीर स्वभाव वाला बालक था। ‘ना काहु से दोस्ती, ना काहु से…
भारतीय शिक्षा – ज्ञान की बात-36 (राष्ट्रगत विकास)
– वासुदेव प्रजापति व्यष्टि और समष्टि के सम्बन्धों के अन्तर्गत हमने व्यक्ति और परिवार तथा व्यक्ति और समाज के सम्बन्धों को जाना। आज हम व्यक्ति…
भारतीय शिक्षा – ज्ञान की बात-35 (समाजगत विकास)
– वासुदेव प्रजापति इससे पूर्व हमने व्यष्टि, समष्टि, सृष्टि व परमेष्ठी नामक चारों संज्ञाओं का अर्थ समझा। समष्टि के चार चरण – परिवार, समाज, राष्ट्र…
अमर बलिदानी भगवान बिरसा मुंडा
– डॉ कुलदीप मेहंदीरत्ता अंग्रेजों के शासन के विरुद्ध भारत देश के विभिन्न भौगोलिक प्रदेशों में और सामाजिक वर्गों ने स्वतन्त्रता प्राप्त करने के लिए…
बच्चों की प्रगति पुस्तिका का अध्ययन
– दिलीप वसंत बेतकेकर तिमाही परीक्षा के पश्चात प्रगति पुस्तक पर पालकों के हस्ताक्षर लेकर छठी कक्षा के विद्यार्थी, अपनी कक्षा अध्यापिका के पास, प्रगति…
पाती बिटिया के नाम-27 (न दैन्यं, न पलायनम्)
– डॉ विकास दवे प्रिय बिटिया! अपने इस राष्ट्र की ख्याति शांति के प्रसार के लिए विश्वभर में रही है। इतिहास के अनेक ज्ञात-अज्ञात प्रसंगों…
भारतीय शिक्षा – ज्ञान की बात-34 (परिवारगत विकास)
– वासुदेव प्रजापति व्यक्ति अकेला नहीं रह सकता। उसका जीवन जिन पर निर्भर है, उन सबके साथ वह तालमेल बिठाकर रहता है। व्यक्ति का जीवन…
महात्मा बुद्ध का शिक्षा दर्शन
– डॉ कुलदीप मेहंदीरत्ता भारत देश में समय-समय पर संत, ऋषि-मुनि तथा अनेक महापुरुषों ने अवतार लिया है। प्राचीन काल से ही संसार ने भारत…