✍ वासुदेव प्रजापति देश को स्वतंत्र हुए 75 वर्ष बीत गए और हम अमृतकाल मना रहे हैं। इस अमृतकाल में कुछ ऐसे लोग भी मिल…
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भारतीय शिक्षा – ज्ञान की बात 81 (शिक्षा की तंत्रगत समस्याएँ)
✍ वासुदेव प्रजापति आज की आधुनिक शिक्षा में शिक्षक गौण होता जा रहा है और तंत्र प्रमुख बनता जा रहा है। हमारे यहाँ तो कहा…
विद्यार्थी गुण पंचकम
✍ दिलीप वसंत बेतकेकर मैं विद्यार्थी हूँ तो कैसा हूँ? विद्यार्थी के गुण, मुख्य लक्षण मुझ में विद्यमान है क्या? ऐसे प्रश्न कभी मुझे सामने…
भारतीय शिक्षा – ज्ञान की बात 80 (भारतीय शिक्षा में जीवन मूल्यों का ह्रास)
✍ वासुदेव प्रजापति सर्वप्रथम यह बात समझने योग्य है कि शिक्षा में मूल्य शब्द का प्रयोग भारतीय नहीं है। यह अंग्रेजी के ‘वेल्यु’ शब्द का…
चर्चा-संवाद का स्वास्थ्य पर प्रभाव
✍ रवि कुमार एक व्यक्ति नौकरी से आकर अपने कक्ष में कम्प्यूटर के सामने बैठकर अपने ऑनलाइन चैटरूम में व्यस्त रहता था। एक दिन उसका…
साहस शील हृदय में भर दे
✍ गोपाल माहेश्वरी सत्येंद्र आठवीं कक्षा का बहुत प्रतिभाशाली विद्यार्थी है। आज उसकी वार्षिक परीक्षा का तीसरा प्रश्नपत्र था। उसने बहुत अच्छी पढ़ाई की थी…
भारतीय शिक्षा – ज्ञान की बात 79 (पाश्चात्य शिक्षा की देन: हीनता बोध)
✍ वासुदेव प्रजापति हम भारतवासी स्वयं को आर्य कहते थे और मानते थे। आर्य अर्थात संस्कारित, आर्य अर्थात श्रेष्ठ। वह व्यक्ति जो भौतिक स्तर से…
शरीर आसन की स्थिति निर्दोष रहे!!
✍ दिलीप वसंत बेतकेकर “हमारा राजू लेटे हुए पढ़ाई करता है कितनी बार कहा उसे कि ऐसी स्थिति में पढ़ाई ना करो, परन्तु मानता ही…
भारतीय शिक्षा – ज्ञान की बात 78 (स्वतंत्रता पूर्व राष्ट्रीय शिक्षा के प्रयत्न)
✍ वासुदेव प्रजापति अंग्रेजों ने हमारी देशी शिक्षा व्यवस्था की पूर्ण उपेक्षा करने की नीति अपनाई। उस समय ब्रिटेन के सामने न तो सार्वजनिक शिक्षा…
आहार-विहार और योग
✍ रवि कुमार आज योग की चर्चा सर्वत्र है। अपने आसपास पार्क में, घर की बालकॉनी में योग करते अनेक व्यक्ति मिल जाएंगे। अंतर्राष्ट्रीय योग…