தமிழின் தந்தை யு வி சுவாமிநாதன் ஐயர்

✍  சார்மதி தமிழ்த் தாத்தா உ.வே சாமிநாதையர் யாமறிந்த மொழிகளிலே தமிழ் மொழி போல இனிதாவது எங்;கும் காணோம் என்றார் மகாகவி பாரதியார். மாபெரும் உன்னத சிறப்புகளை உடையது தமிழ் மொழி. தொன்மையானது. தனித்தன்மை…

शिशु शिक्षा 35 – अनौपचारिक शिक्षा क्या, क्यों और कैसे?

✍ नम्रता दत्त गत सोपान में हमने जाना कि शिशु अवस्था (3 से 5 वर्ष) में शिक्षा का अर्थ पढ़ना-लिखना अर्थात् औपचारिक शिक्षा नहीं अपितु…

स्वामी दयानंद सरस्वती का जीवन दर्शन

✍ धर्मवीर स्वामी दयानंद सरस्वती जी का नाम अग्रणी समाज सुधारकों में आता है। उनके बचपन का नाम मूल शंकर था। स्वामी जी ने वेदों…

सद्ज्ञान व उल्लास के साथ शौर्य का भी अनूठा पर्व है वसंत पंचमी

 – पूनम नेगी जानना दिलचस्प हो कि वसंत पंचमी का पावन दिन जहां हमें ज्ञान की अधिष्ठात्री देवी मां सरस्वती के विशेष पूजन अर्चन के…

दीक्षांत समारोह

✍ अतुल कोठारी दीक्षांत शब्द अपने आप में जहां एक ओर एक अवधि पर्यन्त प्राप्त ज्ञान अथवा नैपुण्य के एक पड़ाव का सूचक है, वहीं…

कृतज्ञता

✍ दिलीप वसंत बेतकेकर कृतज्ञ और कृतघ्न ये दो शब्द तो आपने सुने और पढ़ें भी होंगे। हमें जो कोई मदद करता है, उपकार करता…

जान की बाजी लगा दी बाजी राउत ने

 – गोपाल माहेश्वरी राष्ट्रभक्ति के महाज्वार में उतर चुके जलपोत बड़े थे, तब कुछ नन्हे से नाविक भी ले नन्हीं पतवार लड़े थे।। यह वह…

भारत बोध के रचनाकार जयशंकर प्रसाद

✍ डॉ. अजीत कुमार पुरी ईसा की उन्नीसवीं सदी का समय संपूर्ण विश्व में उथल-पुथल का समय है। एक ओर यूरोपीय देश भारतवर्ष आदि पूर्वी…

भारतीय संविधान में वर्णित मौलिक कर्तव्य – भाग एक

✍ डॉ. कुलदीप मेहंदीरत्ता यह मानव की प्रकृति है कि हम सब को अधिक से अधिक अधिकारों की प्राप्ति अच्छी लगती है। अधिकार सामान्यतया उन…

विस्मृति की परत हटाने वाले विपिनचन्द्र पाल

✍ कल्याण चक्रवर्ती और अरित्र घोष दस्तिदार राष्ट्रीय पुनर्जागरण की एक प्रवृत्ति साहित्य आश्रयी, इसे ‘भावसर्वस्व धारा’ कहते हैं। जबकि कई विचारकों ने इस विचार…