भारतीय ज्ञान का खजाना-9 (भारत का प्राचीन ‘संपन्न’ रसायन शास्त्र)

–  प्रशांत पोळ पारे की खोज किसने की? इस प्रश्न का निश्चित एवं समाधान कारक उत्तर कोई नहीं देता। पश्चिमी दुनिया को सत्रहवीं शताब्दी तक…

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और आलोचनात्मक शिक्षण शास्त्र

 – शशि रंजन  – डॉ० शिरीष पाल सिंह शिक्षा के दर्शन में आलोचनात्मक शिक्षण शास्त्र ऐसा दर्शन है जो लोकतांत्रिक रूप से सीखने की प्रक्रियाओं…

শিশুৰ মন, বুদ্ধি আৰু শিক্ষণত আহাৰ-বিহাৰৰ প্ৰভাৱ

  – ৰবি কুমাৰ পাঞ্জাবী ভাষাত এটা প্ৰবাদ আছে – “চবেৰে জে চাৰ বজে জগ্গে তাঁ দেন্ন বত্তী ঘন্টে দা হো জান্দা”। অৰ্থাৎ ৰাতিপুৱা চাৰি…

স্বাভিমানী বঙ্কিম চন্দ্র চট্টোপাধ্যায়

 – গোপাল চন্দ্র হালদার শ্রী শ্রী ঠাকুর রামকৃষ্ণদেবের — অন্যতম গৃহী ভক্ত ছিলেন শ্রীযুক্ত অধরলাল সেন । পেশায় ছিলেন ডেপুটি ম্যাজিস্ট্রেট। ১৮৮৪খ্রীষ্টাব্দের ৬ই ডিসেম্বর। ঠাকুর…

1857 के स्वातंत्र्य समर में दिल्ली लड़ती है – 3

 – रवि कुमार महेश्वर दयाल द्वारा लिखित ‘दिल्ली मेरी दिल्ली’ पुस्तक में वर्णित है कि इंद्रप्रस्थ यानी दिल्ली अपने जीवन काल में लगभग 300 बार…

भारतीय शिक्षा – ज्ञान की बात 60 (सांस्कृतिक इतिहास)

 – वासुदेव प्रजापति हम इतिहास को राजकीय इतिहास के रूप में ही पढ़ाते हैं। सांस्कृतिक इतिहास भी होता है, इसका हमें भान ही नहीं है।…

भारतीय शिक्षा का दार्शनिक आधार

 – शिव कुमार शर्मा शिक्षा मनुष्य का परिष्कार करती है। शिक्षा ही उसके गुणों का संवर्द्धन कर देवत्व की ओर प्रेरित करती है। किन्तु शिक्षा…

Shrimad Bhagavad-Gita and Yoga

 – Arpit Kumar Dubey Śrīmadbhagavadgītā (Bhagavadgītā) is a great Indian philosophical (Sāṁkhya–Yoga and Vedānta) text of Sanskrit language. It is a great manual for human…

वर्तमान संक्रांति काल एवं अष्टांग योग

 – डॉ० पवन कुमार वर्तमान समय मानव जीवन के संक्रांति काल का है। संक्रांति से तात्पर्य अन्तः एवं एवं बाह्य जगत के परिवर्तन से है।…

शिशु शिक्षा 28 – शिशु की मानसिक आवश्यकताएं

 – नम्रता दत्त गत सोपान में शिशु की स्वाभाविक विशेषताओं को जाना था कि वह किस प्रकार अन्तःप्रेरणा के द्वारा अपना विकास स्वयं ही करता…