कैसे अंग्रेजो ने ध्वस्त की भारत की विकसित चिकित्सा प्रणाली : आओ जाने – 4

 –   प्रशांत पोळ आरंभ से आयुर्वेद के प्रचार-प्रसार में विकेन्द्रीकरण का बड़ा महत्व रखा गया था जो आधुनिक केन्द्रीकरण और अस्पताल व्यवस्था के बिल्कुल भिन्न…

कैसे अंग्रेजो ने ध्वस्त की भारत की विकसित चिकित्सा प्रणाली : आओ जाने – 3

 –   प्रशांत पोळ पिछले एक वर्ष से पूरा विश्व ‘कोरोना’ की महामारी से जूझ रहा हैं। इस महामारी पर वैक्सिन बनाना कितना कठीन हैं, यह…

विरुद्ध आहार

 – रवि कुमार क्या कभी प्रातःकाल अचानक पेट दर्द, खट्टी डकार या दस्त हुए है? क्यों हुए इसका कारण खोजने का प्रयास हुआ? शायद नहीं!…

पाती बिटिया के नाम-34 (रंग कैसे-कैसे?)

 – डॉ विकास दवे प्रिय बिटिया! रंगों के पर्व होली की ढेरों शुभकामनाएँ। जब बात होती है रंगों की तो याद आने लगती है धमाल,…

बाल केन्द्रित क्रिया आधारित शिक्षा-27 (21वीं सदी के अभिभावकों की शिक्षा)

 – रवि कुमार ‘अभिभावक’ शब्द पर विचार करते हैं तो ध्यान में आता है माता-पिता। एक शब्द और चलता है – ‘पाल्य या पालक’ अर्थात्…

शिशु शिक्षा-13 (दश वर्षाणि ताङयेत्)

 – नम्रता दत्त अभी तक शिशु शिक्षा की श्रृंखला में हमने लालयेत् पंचवर्षाणि की चर्चा की। शैशवास्था अर्थात् 0 से 05 वर्ष में शिशु शिक्षा…

मूल्यांकन प्रणाली में आमूलचूल परिवर्तन

 – डॉ. रवीन्द्र नाथ तिवारी वर्तमान में प्रचलित शिक्षा प्रणाली शिक्षकों द्वारा अध्यापन और विद्यार्थी को सीखने का पूरा प्रयास परीक्षाओं में अच्छे परिणाम प्राप्त…

भारतीय शिक्षा – ज्ञान की बात 41 (मनोवैज्ञानिक सन्दर्भ में संस्कार)

 – वासुदेव प्रजापति हम संस्कारों को तीन सन्दर्भों में समझ सकते हैं। ये तीन सन्दर्भ हैं —। मनोवैज्ञानिक सन्दर्भ में सामाजिक-सांस्कृतिक सन्दर्भ में पारम्परिक कर्मकांड…

Anniversary of NEP-2020: Vidya Bharati’s role – Way Forward

 – D. Ramakrishna Rao Vidya Bharathi has been putting it’s all out efforts and providing unstinted support to the government at policy preparation stage of…

अपयश को भी झेलो!

 – दिलीप वसंत बेतकेकर अपयश किसको अच्छा लगता है? किसी को भी नहीं। प्रत्येक व्यक्ति को सफलता और यश ही चाहिए परन्तु क्या वास्तव में…