कोसली भाषा के प्रसिद्ध कवि ‘लोक कविरत्न’ पद्मश्री हलधर नाग

साहिब-दिल्ली आने तक के पैसे नहीं हैं, कृपया पुरस्कार डाक से भिजवा दो ।। जिसके नाम के आगे कभी श्री नहीं लगाया गया, 3 जोड़ी…

तैयारी परीक्षा की…भावी जीवन की

 – दिलीप वसंत बेतकेकर “नमस्कार विद्यार्थी मित्रों, कैसी चल रही है तैयारी?” आपके पास पढ़ने के लिये शुरूआत करने के दिन से कितने दिन पहले…

लाला लाजपत राय और तत्कालीन पंजाब में राष्ट्रीय शिक्षा

 – संदीप कुमार लाला लाजपत राय एक महान स्वतन्त्रता सेनानी, समाज सुधारक, लेखक, शिक्षाविद तथा राष्ट्र-विचारक थे। शेर-ए-पंजाब के नाम से विख्यात लालाजी राष्ट्रवाद तथा…

सदाचार एवं सद्दगुणों का विकास

– लज्जा राम तोमर अपने धर्म एवं संस्कृति के प्रति ज्ञानयुक्त श्रद्धा और राष्ट्रभक्ति से प्रेरित व्यक्तियों में नैतिक आचरण की भूमि तैयार होती है।…

पाती बिटिया के नाम-17 (गद्दार को मृत्युदण्ड)

 – डॉ विकास दवे प्रिय बिटिया! सिक्के के दो पहलू होते हैं। सत्य के साथ असत्य भी होता है, अच्छाई के साथ बुराई भी होती…

भारतीय शिक्षा – ज्ञान की बात-24 – (दान)

 – वासुदेव प्रजापति   भारतीय शिक्षा की एक प्रमुख विशेषता अर्थ-निरपेक्षता है। आज हमनें पश्चिमी शिक्षा से प्रभावित होकर जीवन में अर्थ को सर्वोपरि मान…

महामना मदनमोहन मालवीय का दीक्षान्त भाषण – 14 दिसम्बर 1929 (भाग पांच)

 – अवनीश भटनागर स्नातकों को उपदेश स्वाभाविक रूप से दीक्षांत भाषण का उद्देश्य अपनी शिक्षा पूर्ण कर समाज जीवन में प्रवेश करने जा रहे उपाधि…

महामना मदनमोहन मालवीय का दीक्षान्त भाषण – 14 दिसम्बर 1929 (भाग चार)

 – अवनीश भटनागर भाषा के रूप में अंग्रेजी मातृभाषा और राष्ट्रीय विकास में उसकी भूमिका की बात कहने के बाद भी महामना एक भाषा के…

महामना मदनमोहन मालवीय का दीक्षान्त भाषण – 14 दिसम्बर 1929 (भाग तीन)

 – अवनीश भटनागर प्रारम्भिक शिक्षा अति महत्वपूर्ण उच्च शिक्षा संस्थान के दीक्षान्त भाषण में भी मालवीय जी देश में प्रारम्भिक तथा माध्यमिक शिक्षा की गुणवत्ता…

महामना मदनमोहन मालवीय का दीक्षान्त भाषण – 14 दिसम्बर 1929 (भाग दो)

 – अवनीश भटनागर बारह वर्षों की रिपोर्ट श्रद्धेय मालवीय जी का यह दीक्षान्त उद्बोधन 14 दिसम्बर, 1929 को सम्पन्न हुआ था, अर्थात् काशी हिन्दू विश्वविद्यालय…