ਅੰਤਰਰਾਸ਼ਟਰੀ ਮਾਤ ਭਾਸ਼ਾ ਦਿਵਸ ਅਤੇ ਪੰਜਾਬੀ

 – ਦੇਸ਼ ਰਾਜ ਸ਼ਰਮਾ ਭਾਸ਼ਾ ਮਨੁੱਖ ਜਾਤੀ ਦੀ ਇਕ ਵਿਲੱਖਣ ਪ੍ਰਾਪਤੀ ਹੈ। ਭਾਸ਼ਾ ਇਕ ਅਤਿਅੰਤ ਜਟਿਲ,ਮਹਤਵਪੂਰਨ ਅਤੇ ਚਿੰਨ੍ਹਾਤਮਕ ਮਾਨਵੀ ਵਰਤਾਰਾ ਹੈ,ਜਿਸ ਦੁਆਰਾ ਵਿਚਾਰਾਂ ਅਤੇ ਭਾਵਨਾਵਾਂ…

ગાંધીજી અને માતૃભાષા

 – અનિલ રાવલ “નિર્મલ”   વર્ષ ૧૯૧૬. બનારસમાં હિંદુ વિશ્વવિદ્યાલયની સેન્ટ્રલ કૉલેજનો ઉદ્ઘાટન સમારંભ ઊજવાયો હતો. કાર્યક્રમમાં ભારતભરની પ્રખ્યાત વ્યક્તિઓ ઉપસ્થિત હતી. એ વખતના વાઇસરોય…

अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस

 – अतुल कोठारी 21 फरवरी 1952 के दिन बांग्लादेश (तत्कालीन पूर्वी पाकिस्तान) में बांगला भाषा को पाकिस्तान की अधिकारिक भाषा बनाने हेतु वहां के छात्रों…

कोसली भाषा के प्रसिद्ध कवि ‘लोक कविरत्न’ पद्मश्री हलधर नाग

साहिब-दिल्ली आने तक के पैसे नहीं हैं, कृपया पुरस्कार डाक से भिजवा दो ।। जिसके नाम के आगे कभी श्री नहीं लगाया गया, 3 जोड़ी…

तैयारी परीक्षा की…भावी जीवन की

 – दिलीप वसंत बेतकेकर “नमस्कार विद्यार्थी मित्रों, कैसी चल रही है तैयारी?” आपके पास पढ़ने के लिये शुरूआत करने के दिन से कितने दिन पहले…

लाला लाजपत राय और तत्कालीन पंजाब में राष्ट्रीय शिक्षा

 – संदीप कुमार लाला लाजपत राय एक महान स्वतन्त्रता सेनानी, समाज सुधारक, लेखक, शिक्षाविद तथा राष्ट्र-विचारक थे। शेर-ए-पंजाब के नाम से विख्यात लालाजी राष्ट्रवाद तथा…

सदाचार एवं सद्दगुणों का विकास

– लज्जा राम तोमर अपने धर्म एवं संस्कृति के प्रति ज्ञानयुक्त श्रद्धा और राष्ट्रभक्ति से प्रेरित व्यक्तियों में नैतिक आचरण की भूमि तैयार होती है।…

पाती बिटिया के नाम-17 (गद्दार को मृत्युदण्ड)

 – डॉ विकास दवे प्रिय बिटिया! सिक्के के दो पहलू होते हैं। सत्य के साथ असत्य भी होता है, अच्छाई के साथ बुराई भी होती…

भारतीय शिक्षा – ज्ञान की बात-24 – (दान)

 – वासुदेव प्रजापति   भारतीय शिक्षा की एक प्रमुख विशेषता अर्थ-निरपेक्षता है। आज हमनें पश्चिमी शिक्षा से प्रभावित होकर जीवन में अर्थ को सर्वोपरि मान…

महामना मदनमोहन मालवीय का दीक्षान्त भाषण – 14 दिसम्बर 1929 (भाग पांच)

 – अवनीश भटनागर स्नातकों को उपदेश स्वाभाविक रूप से दीक्षांत भाषण का उद्देश्य अपनी शिक्षा पूर्ण कर समाज जीवन में प्रवेश करने जा रहे उपाधि…