सा विद्या या विमुक्तये
– अवनीश भटनागर स्वतंत्रता के 75 वर्ष बाद भी शिक्षा में भारतीयता के विचार की चर्चा आते ही शिक्षाविदों और बुद्धिजीवियों के कान खड़े हो…
– अनिल रावल गुजरात में परंपरागत शिक्षा प्रणाली में आमूल परिवर्तन लाने के लिए साहित्य सर्जन और नूतन शिक्षा पद्धति द्वारा क्रांति करने वाले गिजुभाई…
– रवि कुमार शिक्षा समाज व राष्ट्र जीवन का महत्वपूर्ण भाग है। शिक्षा क्या है और शिक्षा की क्यों आवश्यकता है? यह एक महत्वपूर्ण प्रश्न…
– Aditya Narayan Rao Guru Brahma, Guru Vishnu, Guru devo Maheshwara Guru sakshat, param Brahma, tasmai shri guravay namah The Indian culture is rich in…
– डॉ. वन्दना शर्मा हिन्दी साहित्य के भक्तिकाल में संत कबीर प्रेम-प्लावित ज्ञानदीप लेकर एक शक्ति पुंज के रूप में अवतरित हुए। उन्होंने अपनी…
– डॉ कुलदीप मेहंदीरत्ता भारत देश में समय-समय पर संत, ऋषि-मुनि तथा अनेक महापुरुषों ने अवतार लिया है। प्राचीन काल से ही संसार ने भारत…
– गिरीश जोशी भगवान वेदव्यास द्वारा रचित ब्रह्मसूत्र परम ज्ञान की प्राप्ति हेतु मानव के मन मस्तिष्क में जितने भी प्रश्न-जिज्ञासा हो सकती है उन…
– ललित गर्ग भगवान महावीर की जन्म जयन्ती मनाते हुए हमें महावीर बनने की तैयारी करनी होगी, हम महावीर को केवल पूजें ही नहीं, बल्कि…
– पांडुरंग कुलकर्णी विद्या बिना मति गयी ! मति बिना नीति गयी ! नीति बिना गती गयी ! गती बिना वित्त गया ! वित्त विना…
– प्रो. बाबूराम स्वामी दयानंद जी के बचपन का नाम मूलशंकर था, उनका जन्म 1824 में काठियावाड़, गुजरात के टंकरा में हुआ था। बचपन से…