सा विद्या या विमुक्तये
– प्राणनाथ पंकज “शिक्षा क्या है ? …..सच्ची शिक्षा उसे कहा जा सकता है, जिससे शब्द संचय नहीं, क्षमता का विकास होता है। या फिर…
-भालचंद्र रावले आधुनिक काल में भारत की प्रथम महिला शिक्षिका माता सावित्री बाई फुले का जीवन अपने लक्ष्य को पूर्ण करने हेतु किये गए संघर्ष…
– मूल लेखक (अंग्रेजी) K. PONRAMAN – हिंदी अनुवाद डॉ० कुलदीप मेहंदीरत्ता महाकवि सुब्रमण्यम भारती (11 दिसम्बर, 1882 – 11 सितम्बर, 1921) तमिल कवि, समाज…
-K. PONRAMAN Subramanya Bharati (11 December 1882- 11 September 1921) referred as Mahakavi (the great poet) was a Tamil poet, a social reformer and a…
– राजेन्द्र बघेल वीर प्रसूता भारत माता की कोख से ऐसे अनगिनत लाल जन्में, जिन्होंने देश हित में अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। भाऊराव देवरस…
– डॉ. नीतिन पेथाणी गिजुभाई बधेका को गुजरात में ‘मूछालीमाँ’ अर्थात ‘मूछोंवाली माँ’ के नाम से जाना जाता है। शिशु व बाल शिक्षा के संबंध…
– डॉ० कुलदीप मेहंदीरत्ता ‘आने वाली नस्लें शायद ही यकीन करे कि हाड़-मांस से बना हुआ कोई ऐसा व्यक्ति भी इस धरती पर चलता-फिरता…
– प्रोफेसर बाबुराम शिक्षा मानव जीवन के चरित्र निर्माण, रुचियों, प्रवृत्तियों, चेष्टाओं में बदलाव और बहुआयामी विकास के साथ सामाजिक समरसता उत्पन्न करती है। इसीलिए…
– डॉ० कुलदीप मेहंदीरत्ता आदिकाल से ही भारत विचारकों, ऋषि-मुनियों, संतों और मनीषियों की जन्मभूमि तथा कार्यभूमि रही है। यह भारत का सौभाग्य रहा है…
-डॉ प्रीतम सिंह दुनिया की अनेक विद्वानों ने शिक्षा की व्यापक संकपना को अपने-अपने दृष्टिकोण से प्रस्तुत किया है। शिक्षा को ज्ञान का तीसरा नेत्र…