सा विद्या या विमुक्तये
– डॉ विकास दवे प्रिय बिटिया! विज्ञान का नाम लेते ही हम एक काल्पनिक दुनिया में खोने लगते हैं। तेज रफ्तार से भागती जिन्दगी में…
– डॉ विकास दवे प्रिय बिटिया! नववर्ष की शुभकामनाएँ! तुम तो सहज ही समझ गई होंगी कि मैं तुमको हिन्दी नववर्ष की शुभकामना दे रहा…
– डॉ विकास दवे प्रिय बिटिया! केसर की क्यारी कश्मीर गोला बारूद की जहरीली हवा की चपेट में एक बार फिर आ गई। एक बार…
– डॉ विकास दवे खामोशियों की मौत गंवारा नहीं है मुझे शीशा हूँ टूट कर भी खनक छोड़ जाऊँगा प्रिय बिटिया! हिन्दू संस्कृति प्रारम्भ से…
– डॉ विकास दवे प्रिय बिटिया, इस माह का कई कारणों से हमारे लिये महत्व बढ़ गया है। प्रथम कारण तो यह कि इसी माह…
– डॉ विकास दवे प्रिय बिटिया! इन दिनों तुमको लिखने-पढऩे का शौक चर्राया है। बेटे! आपकी आयु में सबको लिखने का अत्यधिक शौक रहता है…
– डॉ विकास दवे विश्व का हर देश जब भी दिग्भ्रमित हो लडख़ड़ाया। लक्ष्य की पहचान करने इस धरा के पास आया।। प्रिय बिटिया! आज…
– डॉ विकास दवे प्रिय बिटिया! जीवन में अनेको बार ऐसे प्रसंग उपस्थित होते हैं जब हम किसी अच्छे कार्य को सीखने या करने के…
– डॉ विकास दवे प्रिय बिटिया! साहस, हिम्मत और बहादुरी की बातें तो सभी करते हैं, किन्तु जब मौका आता है तो सारी बातें हवा…
– डॉ विकास दवे प्रिय बिटिया! सिक्के के दो पहलू होते हैं। सत्य के साथ असत्य भी होता है, अच्छाई के साथ बुराई भी होती…