– Vasudev Prjapati – Translated in English by Avnish Bhatnagar The whole world is suffering with covid-19 pandemic. Many a measure are being observed by…
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मातृहस्तेन भोजनम्!
वर्तमान की बदलती हुई जीवन शैली के कारण व्यक्तियों और परिवारों का आहार की ओर दुर्लक्ष्य होता जा रहा है। एक…
भारतीय शिक्षा – ज्ञान की बात-10 (ज्ञानार्जन के साधन : अहंकार)
– वासुदेव प्रजापति ज्ञानार्जन के साधनों में अन्त:करण प्रमुख साधन है। अन्त:करण के चारों साधनों में हमने मन और बुद्धि को जाना। बुद्धि के…
संत कबीर जी का शिक्षा दर्शन : निहितार्थ
– डॉ० कुलदीप मेहंदीरत्ता आदिकाल से ही भारत विचारकों, ऋषि-मुनियों, संतों और मनीषियों की जन्मभूमि तथा कार्यभूमि रही है। यह भारत का सौभाग्य रहा है…
पाती बिटिया के नाम-4 (वे अद्वितीय बलिदान)
– डॉ विकास दवे प्रिय बिटिया! कई बार आपसे बलिदानों के विषय में चर्चा हुई है। देश, धर्म और संस्कृति हेतु अपने प्राणों की आहूति…
वर्तमान परिस्थिति में भारतीय जीवनदृष्टि की प्रासंगिकता-2
– वासुदेव प्रजापति जीवन एक व अखण्ड़ है भारत की दृष्टि में जीवन एक है, यही एक जीवन जन्मजन्मान्तरों में अखण्ड चलता रहता है। एक…
वर्तमान परिस्थिति में भारतीय जीवनदृष्टि की प्रासंगिकता-1
– वासुदेव प्रजापति आज संपूर्ण विश्व कोरोना महामारी के प्रकोप से त्रस्त है। इस समय सभी देश अपने-अपने देशवासियों को कोरोना विषाणु से बचाने…
शिक्षा के मॉडल में आमूलचूल परिवर्तन का सही समय : कोरोना पूर्व एवं पश्चात्
– डॉ० विकास दवे इस समय संपूर्ण विश्व कोरोना के संकट काल से गुजर रहा है। इस विषाणु ने पूरी दुनिया को एक बार फिर…
पाती बिटिया के नाम-3 (जिजा के लाल)
– डॉ विकास दवे प्रिय बिटिया। पिछली चिट्ठियों में तुमने देखा कि किस तरह शिवाजी के व्यक्तित्व का निर्माण हुआ और कैसे संस्कार उनके एक…
अपनी संतान ऐसा करती है क्या?
– दिलीप वसंत बेतकेकर अपने बच्चे बड़े होकर बहुत यश प्राप्त करें, पराक्रमी बनें, अच्छी ख्याति प्राप्त करें, ऐसी इच्छा प्रत्येक माता-पिता की रहती है।…