भारतीय शिक्षा – ज्ञान की बात-13 (करणों की सक्रियता)

 – वासुदेव प्रजापति ज्ञानार्जन के सभी करण जन्म से ही हमें मिल तो जाते हैं, परन्तु जन्म से ये सभी करण सक्रिय नहीं होते, अक्रिय…

बालकों के लिए उपयोगी – आपके घर में ऐसा है क्या?

 – दिलीप वसंत बेतकेकर आज के घर सामानों के ‘भंडारगृह’ हो गए हैं। जगह की कमी, फिर भी फर्श से छत तक विविध वस्तुओं का…

बाल केन्द्रित क्रिया आधारित शिक्षा-22 (संस्कृत भाषा शिक्षण)

 – रवि कुमार संस्कृत भाषा विश्व की प्राचीनतम भाषा है और अनेक भाषाओं की जननी है। भारतीय संस्कृति, परम्परा, इतिहास, मान बिदु, जीवन मूल्य आदि…

भारतीय शिक्षा – ज्ञान की बात-12 (करणों का विकास)

-वासुदेव प्रजापति ज्ञानार्जन के करणों में हमने बहि:करण एवं अन्त:करण को जाना। बहि:करण में कर्मेन्द्रियों व ज्ञानेन्द्रियों के कार्यों को समझा और अन्त:करण में मन,…

पाती बिटिया के नाम-6 (लाल टोपियों पर भारी पड़े एक ‘टोपे’1857 के तात्या)

– डॉ विकास दवे प्रिय बिटिया! महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले के येवला ग्राम के निवासी श्री पांडुरंग भट श्रुति और स्मृतियों के उद्भट विद्वान थे।…

Relevance of the Bharatiya way of life in the present context-2

 – Vasudev Prjapati  – Translated in English by Avnish Bhatnagar In the Bharatiya thought process, life is believed to be one, single, continuing, integral, which…

तस्मै श्रीगुरवे नम:

 – वासुदेव प्रजापति अखण्डमण्डलाकारं व्याप्तं येन चराचरम्। तत्पदं  दर्शितं  येन  तस्मै  श्रीगुरवे  नम।। उस महान गुरु का अभिवादन! जो सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड में व्याप्त है, चर…

भारतीय शिक्षा – ज्ञान की बात-11 (ज्ञानार्जन के साधन : चित्त)

 – वासुदेव प्रजापति अन्त:करण का चौथा और अन्तिम साधन है, चित्त। चित्त अद्भुत है, यह बुद्धि व अहंकार से भी सूक्ष्म है। इसे हम एक…

TEACHER’S ROLE – PRESENT & POST COVID ERA

 – D.Ramakrishna Rao The impact of Covid-19 on education has been staggering and all the students are out of the school. The most common response…

पाती बिटिया के नाम-5 (स्वातंत्र्य यज्ञ की वेदी पर वे प्रथम आहूतियाँ)

 – डॉ विकास दवे प्रिय बिटिया! सन् 1857, मार्च का महिना, गाँव-गाँव में पता नहीं क्या चल रहा है? कोई, एक अपरिचित-सा व्यक्ति गाँव में…