– डॉ. कुलदीप मेहंदीरत्ता कन्नड़ भाषा का योगदान स्वतंत्रता संग्राम में कुछेक अपवादों को छोड़कर समाज जागरण और राष्ट्रीय चेतना के स्वर प्राय: प्रत्येक भाषा,…
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भारतीय भाषाओं (तमिल और तेलुगु) का स्वतंत्रता संग्राम में योगदान – 1
– डॉ. कुलदीप मेहंदीरत्ता भारत विविधताओं से भरा एक विशाल राष्ट्र है जहाँ भले ही भौगोलिक अथवा प्रयोज्य क्षेत्र के आधार पर शाब्दिक तथा भाषिक…
लाला लाजपत राय का भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में योगदान
– डॉ कुलदीप मेहंदीरत्ता पंजाब केसरी और शेर-ए-पंजाब के नाम से विख्यात लाला लाजपत राय भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के अग्रणी सेनानियों में थे जिन्होंने व्यक्तिगत…
आजाद हिंद फौज की भूमिका
– डॉ कुलदीप मेहंदीरत्ता नेताजी सुभाष चंद्र बोस को आजाद हिंद फौज अथवा इंडियन नेशनल आर्मी का वास्तविक संस्थापक और संगठक माना जाता है। भारत…
महान साहित्यकार प्रेमचन्द का साहित्य दर्शन भाग – 2
– कुलदीप मेहंदीरत्ता महात्मा गांधी के जीवन दर्शन से प्रभावित प्रेमचन्द : महात्मा गाँधी के प्रभाव से न केवल भारतीय बल्कि पाश्चत्य जगत के लेखक…
महान साहित्यकार प्रेमचन्द का साहित्य दर्शन भाग – 1
– डॉ० कुलदीप मेहंदीरत्ता “साहित्यकार का काम केवल पाठकों का मन बहलाना नहीं है। यह तो भाटों और मदारियों, विदूषकों और मसखरों का ही काम…
अमर बलिदानी भगवान बिरसा मुंडा
– डॉ कुलदीप मेहंदीरत्ता अंग्रेजों के शासन के विरुद्ध भारत देश के विभिन्न भौगोलिक प्रदेशों में और सामाजिक वर्गों ने स्वतन्त्रता प्राप्त करने के लिए…
महात्मा बुद्ध का शिक्षा दर्शन
– डॉ कुलदीप मेहंदीरत्ता भारत देश में समय-समय पर संत, ऋषि-मुनि तथा अनेक महापुरुषों ने अवतार लिया है। प्राचीन काल से ही संसार ने भारत…
1857 का राष्ट्रीय स्वतन्त्रता संग्राम : एक विश्लेषण
– डॉ कुलदीप मेहंदीरत्ता 1857 का स्वतन्त्रता संग्राम पूरे भारत के नागरिकों के लिए उनके पूर्वजों के संघर्ष की वह कहानी है जिसका सारे विश्व…
संत रविदास जी का जीवन- दर्शन
– डॉ कुलदीप मेहंदीरत्ता भारत देश की पवित्र भूमि पर समय-समय पर ऋषि-मुनियों, संत जनों और महापुरुषों ने अवतार लिया है और अपने अद्भुत और…