बच्चों के सिर से भय का भूत हटाएं

 – दिलीप वसंत बेतकेकर श्रुति छह माह की बालिका, फर्श पर खेल रही थी। निकट की स्टूल पर मिक्सर चल रहा था। धक्का लगा और…

भारतीय शिक्षा – ज्ञान की बात-18 (आचार्य और छात्र सम्बन्ध)

 – वासुदेव प्रजापति आज के समय में सामान्य व्यक्ति भी यह कहता है कि हमारे जमाने में आचार्य-छात्र सम्बन्ध जितने मधुर थे, वैसे आज नहीं…

पाती बिटिया के नाम-12 (लंदन की धरती पर क्रांति योजना करने वाले क्रांति के राजदूत – रंगोबापू गुप्ते)

 – डॉ विकास दवे प्रिय बिटिया! 1857 की क्रांति का एक दुखद पहलु यह माना जाता है कि इसकी ज्वाला उत्तर भारत में तो दावानल…

महात्मा गांधी और ग्राम स्वराज की अवधारणा

 – नवीन कुमार वर्तमान समय में कोरोना वायरस (COVID-19) वैश्विक महामारी, जो पिछले वर्ष चीन के वुहान शहर से उत्पन्न हुई थी, ने सामाजिक, आर्थिक…

गाँधी जी की बुनियादी शिक्षा की वर्तमान में प्रासंगिकता 

  –  डॉ० कुलदीप मेहंदीरत्ता ‘आने वाली नस्लें शायद ही यकीन करे कि हाड़-मांस से बना हुआ कोई ऐसा व्यक्ति भी इस धरती पर चलता-फिरता…

दीनदयाल उपाध्याय की विचार-दृष्टि और दर्शन – 4

 – डॉ. अनिल दत्त मिश्र उपाध्याय जी का एकात्म मानव दर्शन आज समय की आवश्यकता है और यह दर्शन न केवल भारत का मार्गदर्शन करने…

दीनदयाल उपाध्याय की विचार-दृष्टि और दर्शन – 3

 – डॉ. अनिल दत्त मिश्र भारतीय राज्य का आदर्श धर्मराज्य रहा है। धर्मराज्य से अर्थ कोई मजहबी राज्य नहीं हैं बल्कि यह एक असांप्रदायिक राज्य…

दीनदयाल उपाध्याय की विचार-दृष्टि और दर्शन – 2

– डॉ. अनिल दत्त मिश्र एकात्म मानववाद बंबई (अब मुंबई ) में 22-24 अप्रैल, 1965 को पंडित दीनदयाल उपाध्याय द्वारा दिए गये चार विशेष क्रमिक…

दीनदयाल उपाध्याय की विचार-दृष्टि और दर्शन – 1

 – डॉ. अनिल दत्त मिश्र एकात्म मानववाद पंडित दीनदयाल उपाध्याय की अद्वितीय, विशिष्ट एवं मौलिक रचना है। कौटिल्य के ‘अर्थशास्त्र’, तिलक के ‘गीता रहस्य’ और…

पाती बिटिया के नाम-11 (दोहरा राजद्रोह बना अमर राष्ट्र प्रेम – सेठ अमरचन्द बाँठिया)

 – डॉ विकास दवे प्रिय बिटिया! बीकानेर से ग्वालियर तक की यात्रा ने थका कर चूर कर दिया था अमरचन्द जी को। व्यापार का सिलसिला…