– वासुदेव प्रजापति आज शिक्षक से राष्ट्र निर्माता बनने की अपेक्षा करना भले ही आतिश्योक्त्तिपूर्ण लगता होगा, किन्तु वास्तविकता यही है कि भारत राष्ट्र को…
Author: राष्ट्रीय शिक्षा
शिक्षक के प्रेरणा स्त्रोत राष्ट्र निर्माता शिक्षक
– वासुदेव प्रजापति एक स्वाभाविक प्रश्न खड़ा होता है कि इस अर्थ प्रधान युग में शिक्षक को राष्ट्र निर्माता की भूमिका निभाने की प्रेरणा कहाँ…
आदर्श शिक्षक की भारतीय संकल्पना
– डॉ शिव भूषण त्रिपाठी भारतीय मनीषा की चिन्तन धारा में एक गति है प्रवाह है जो हमें परम्परा से प्राप्त हुई है। हमारे…
अंक लाने वाली मशीन नहीं है बच्चे, हर बच्चा है खास
– रचना प्रियदर्शिनी एक बार फिर से रिजल्ट्स का दौर आ गया है । सीबीएसई, आईसीएसई, स्टेट बोर्ड एक-एक कर के सभी परीक्षा परिणामों की…
कान्हा की शिक्षा – श्रीकृष्ण जन्म पर विशेष
– डा.अजय शर्मा हमारे देश में महापुरूष एवं भगवान के जन्म दिन मनाने की स्वस्थ परम्परा है, जो मानवीयता के अनेक संस्कारों को प्रदान करती…
बच्चों के चहूँमुखी विकास के लिए अभिभावक परवरिश में क्या-क्या रखे ध्यान
– परिणिता सिन्हा आज के इस व्यवसायिक युग में बच्चों की प्रतिमा चहूँमुखी निखरे, यह एक चुनौती पूर्ण बात लगती है। पर, जब हम आयु…
पुस्तक समीक्षा : भारतीय शिक्षा मनोविज्ञान के आधार – लेखक लज्जाराम तोमर
– देवेन्द्र प्रताप सिंह पुस्तक का नाम : भारतीय शिक्षा मनोविज्ञान के आधार लेखक : लज्जाराम तोमर प्रकाशक : विद्या भारती संस्कृति शिक्षा संस्थान, कुरुक्षेत्र…
भारतीय शिक्षा ग्रंथमाला के लोकार्पण अवसर पर माननीय डॉ मोहन भागवत जी के उद्बोधन के संपादित अंश
पुनरुत्थान विद्यापीठ द्वारा प्रकाशित भारतीय शिक्षा ग्रंथमाला के लोकार्पण हेतु दिनांक 09 सितम्बर 2017 को केदारनाथ साहनी सभागार, नई दिल्ली में आयोजित समारोह में राष्ट्रीय…
सांस्कृतिक नेतृत्व तैयार करने का अभिनव प्रयोग है वेदविज्ञान गुरुकुलम्
– विजय नड्डा स्वास्थ्य लाभ हेतु दो सप्ताह के लिए ‘प्रशांत कुटीर’ बंगलोर में रहना हुआ । प्रशांत कुटीर में शुक्रवार को छुट्टी जैसा माहौल…
दिशा बोध – राष्ट्र के सम्मुख क्या-क्या चुनौती है और उसका निराकरण क्या है?
– मा. रंगाहरि (झिंझौली में संपन्न विद्या भारती साधारण सभा बैठक, चैत्र युगाब्द 5102 के उद्घाटन अवसर पर विद्या भारती के मार्गदर्शक मा. रंगहरि जी…