– गोपाल माहेश्वरी देश उठेगा अपने पैरों निज गौरव के भान से। स्नेह भरा सम्मान जगाकर जिएं सुख सम्मान से। परावलंबी देश जगत में कभी…
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भारतीय नववर्ष और त्यौहारों की उमंग
– डॉ. सौरभ मालवीय भारतीय नववर्ष के साथ अनेक त्यौहार आते हैं। इनमें चैत्र शुक्लादि, नवरेह, गुड़ी पड़वा, उगादि, साजिबु नोंगमा पांबा अथवा साजिबु चेराओबा…
भारतीय ज्ञान का खजाना-28 (प्राचीन भारतीय खेल-२)
– प्रशांत पोळ सांप सीढ़ी भारत में ‘सांप सीढ़ी’ और विश्व में ‘स्नेक एंड लेडर्स’ इस नाम से प्रसिद्ध इस खेल की खोज भारत में…
श्री रंगाहरि जी का शैक्षिक प्रबोधन
– सार्थ इदाथिल महान दृष्टा और विद्वान रंगाहरि जी, जिनकी बौद्धिक प्रतिभा विद्या भारती के आदर्शों और सिद्धांतों में परिलक्षित होती थी, उनका 29 अक्टूबर…
होली
– गोपाल माहेश्वरी फागुन का महिना आरंभ होते ही बच्चों बड़ों सभी पर होली की मस्ती छाने लगी। प्रभात की कालोनी में भी होलिकादहन की…
मौलिक मानवी दिमाग
✍ दिलीप बेतकेकर देवाः दण्डमादाय रक्षन्ति पशुपालवत यन्तु रक्षित मिक्षन्ति, बुध्यासभिव जन्तिनाम।। (ईश्वर किसी पशुपालक के समान हाथ में डंडा लेकर किसी की रक्षा नहीं…
स्वतंत्रता सेनानी व लेखक काशीनाथ त्रिवेदी
– शिरोमणि दुबे विद्वानों की मान्यता है कि करने योग्य लिखा जाए, उससे अधिक अच्छा है कि लिखने योग्य किया जाए। काशीनाथ त्रिवेदी इस कसौटी…
धर्म और शिक्षा
– डॉ. मोहन भागवत शिक्षा के माध्यम से समाज की अगली पीढ़ी के जीवन निर्माण में धर्म का महत्वपूर्ण योगदान है। धर्म के बिना शिक्षा…
ग्राम शारदा
— गोपाल माहेश्वरी मधुकर, वसंत, शोभा, श्रीधर और सुषमा की समवयस्क बाल-मंडली में मित्रता का रिश्ता पक्कमपक्का था। वर्ष में कम-से-कम एक बार ये सभी…
रामायण सत कोटि अपारा-6 (श्रीराम वन गमन स्थल)
✍ रवि कुमार श्रीराम भारत की आत्मा है। श्रीराम भारत के प्राण है। श्रीराम भारत के जन जन के राम है। वे जन जन के…