– डॉ० कुलदीप मेहंदीरत्ता आदिकाल से ही भारत विचारकों, ऋषि-मुनियों, संतों और मनीषियों की जन्मभूमि तथा कार्यभूमि रही है। यह भारत का सौभाग्य रहा है…
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पाती बिटिया के नाम-4 (वे अद्वितीय बलिदान)
– डॉ विकास दवे प्रिय बिटिया! कई बार आपसे बलिदानों के विषय में चर्चा हुई है। देश, धर्म और संस्कृति हेतु अपने प्राणों की आहूति…
वर्तमान परिस्थिति में भारतीय जीवनदृष्टि की प्रासंगिकता-2
– वासुदेव प्रजापति जीवन एक व अखण्ड़ है भारत की दृष्टि में जीवन एक है, यही एक जीवन जन्मजन्मान्तरों में अखण्ड चलता रहता है। एक…
भारतीय शिक्षा – ज्ञान की बात-9 (ज्ञानार्जन के साधन : बुद्धि)
– वासुदेव प्रजापति अब तक हमने जाना कि कर्मेन्द्रियों से ज्ञानेन्द्रियाँ अधिक प्रभावी हैं और ज्ञानेन्द्रियों से मन अधिक प्रभावी है। मन इसलिए अधिक प्रभावी…
कोरोना और बाल मनोविज्ञान
– डॉ विकास दवे कोरोना विषाणु की महामारी केवल भारतीय समाज ही नहीं बल्कि संपूर्ण विश्व के लिए एक नया तथा विज्ञान और मनोविज्ञान से…
शब्द सामर्थ्य-10, त, त्र
शब्द अर्थ त तंगहाल संकट तंद्रा थकान तटस्थ दोनों दलों से अलग तत्त्वदर्शी दार्शनिक तत्सम शुद्ध तथोक्त उस तरह कहा हुआ तदनुसार उसके अनुसार तनु-पात…
पाती बिटिया के नाम-3 (जिजा के लाल)
– डॉ विकास दवे प्रिय बिटिया। पिछली चिट्ठियों में तुमने देखा कि किस तरह शिवाजी के व्यक्तित्व का निर्माण हुआ और कैसे संस्कार उनके एक…
भारतीय शिक्षा – ज्ञान की बात-8 (ज्ञानार्जन के साधन : मन)
– वासुदेव प्रजापति ज्ञान प्राप्त करने के साधनों में अब तक हमने बहिःकरण के अन्तर्गत कर्मेन्द्रियों एवं ज्ञानेन्द्रियों को समझा। हमने यह भी जाना कि…
शब्द सामर्थ्य-9 झ, ट, ठ, ड. ढ
शब्द अर्थ झ झंकृति झंकार झकझक तकरार झंझावात तूफ़ान झपका झोंका झंडोत्तोलन झंडारोहण ट टंकक टाइपिस्ट, चांदी का सिक्का टसक पीड़ा टिल्लेबाजी बहाने गढ़ना टंच…
बाल केंद्रित क्रिया आधारित शिक्षा-21 (गृहकार्य)
– रवि कुमार विद्यालयीन शिक्षा में बालक को दो प्रकार के कार्य करने होते है, एक कक्षा कार्य, दूसरा गृहकार्य। कक्षा कार्य में आचार्य द्वारा…