पाती बिटिया के नाम-2 (जय शिवराय!!!)

 – डॉ विकास दवे प्रिय बिटिया! पिछली चिट्ठी में आपसे भूमिका के रूप में शिवाजी पर थोड़ी सी चर्चा हुई थी। जैसा कि मैने आपको…

‘वर्तमान परिदृश्य एवं हमारी भूमिका’ विषय पर प.पू. सरसंघचालक डॉ० मोहन भागवत जी का बौद्धिक वर्ग – 26 अप्रैल 2020

माननीय महानगर संघचालक जी, संघ के अधिकारीगण, आत्मीय स्वयंसेवक बंधु, सज्जनवृंद माता, भगिनी। एक विशिष्ट परिस्थिति में आधुनिक तकनीकी का उपयोग करके पर्दे पर हमारी…

भारतीय शिक्षा – ज्ञान की बात-7 (ज्ञानार्जन के साधन: अंत:करण)

–  वासुदेव प्रजापति अब तक हमने ज्ञानार्जन के बहिकरण कर्मेन्द्रियों व ज्ञानेन्द्रियों को जाना। ज्ञानार्जन के साधनों को जानने के क्रम में आज हम अन्त:करण…

शब्द सामर्थ्य-7 घ, च

शब्द अर्थ घ घनिष्ठ बहुत घना घुसर-पुसर कानाफूसी घाऊघप चोरी से सब हड़पने वाला घोषण घोषणा करना घामड़ आलसी,मूर्ख घ्राण सूंघना च चंगुल पकड़ चंडालत्व…

शब्द सामर्थ्य-6 ख, ग

  शब्द अर्थ ख खटना परिश्रम करना खनक जमीन खोदने वाला खर्व नाटा,सौ अरब खादक ऋणी खटाना निर्वाह करना खरदिमाग मूर्ख खल दुष्ट खादर नदी…

Educational Philosophy of Dr Bhimrao Ramji Ambedkar, 14 April Birthday special

 “The education that makes us neither competent nor teaches us lessons of equality and morality is no more education.” – Dr.Bhimrao Ramji Ambedkar  – Kuldeep…

भारतीय शिक्षा – ज्ञान की बात-6 (ज्ञानार्जन के साधन: ज्ञानेन्द्रियाँ)

– वासुदेव प्रजापति कमेंन्द्रियाँ के समान ही ज्ञानेन्द्रियाँ भी बहिःकरण हैं। अर्थात् ज्ञानेन्द्रियाँ भी ज्ञानार्जन के बाहरी साधन हैं। इनके नाम से ही स्पष्ट है…

शब्द सामर्थ्य-5 क

शब्द अर्थ क कंटकाकीर्ण बाधायुक्त कज्जलित काला कतिपय कुछ थोड़े से कदर्य कायर, कृपण कनिष्ठ छोटा करण उपकरण, करना कर्ण-परंपरा सुनी-सुनाई बात फैलाना कर्मनिष्ठ कर्मठ…

घर में “प्रॉब्लम चाइल्ड या प्रॉब्लम पालक”

 – दिलीप वसंत बेतकेकर मैं शाला के कार्यालय में बैठा था। एक युवा युगल वहां आया। युवती जानी पहचानी थी। पति का नाम सुना हुआ…

रामचरित मानस में पर्यावरण चेतना – रामनवमी विशेष

हम प्रकृति से जुड़कर ही प्रकृति पुरुष राम से जुड़ पाएंगे। क्या हमारे प्रकृतिउन्मुख क्रियाकलापों की स्थिति और उसका स्तर हमारे लोकजीवन के आदर्श श्रीराम…