पाती बिटिया के नाम-6 (लाल टोपियों पर भारी पड़े एक ‘टोपे’1857 के तात्या)

– डॉ विकास दवे प्रिय बिटिया! महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले के येवला ग्राम के निवासी श्री पांडुरंग भट श्रुति और स्मृतियों के उद्भट विद्वान थे।…

Relevance of the Bharatiya way of life in the present context-2

 – Vasudev Prjapati  – Translated in English by Avnish Bhatnagar In the Bharatiya thought process, life is believed to be one, single, continuing, integral, which…

भरत सरिस को राम सनेही – 2

 – डॉ० हिम्मत सिंह सिन्हा भरत के व्यक्तित्व, भ्रातृ प्रेम का सही-सही दर्शन हमें राम वन गमन के पश्चात् ही होता है। उसके पहले उनका…

भरत सरिस को राम सनेही – 1

 – डॉ० हिम्मत सिंह सिन्हा रामायण के सभी पात्रों में भगवान राम के स्नेह के सबसे श्रेष्ठ पात्र भाजन भरत हैं। भरत का सारा चरित्र…

भारतीय शिक्षा – ज्ञान की बात-11 (ज्ञानार्जन के साधन : चित्त)

 – वासुदेव प्रजापति अन्त:करण का चौथा और अन्तिम साधन है, चित्त। चित्त अद्भुत है, यह बुद्धि व अहंकार से भी सूक्ष्म है। इसे हम एक…

TEACHER’S ROLE – PRESENT & POST COVID ERA

 – D.Ramakrishna Rao The impact of Covid-19 on education has been staggering and all the students are out of the school. The most common response…

पाती बिटिया के नाम-5 (स्वातंत्र्य यज्ञ की वेदी पर वे प्रथम आहूतियाँ)

 – डॉ विकास दवे प्रिय बिटिया! सन् 1857, मार्च का महिना, गाँव-गाँव में पता नहीं क्या चल रहा है? कोई, एक अपरिचित-सा व्यक्ति गाँव में…

Relevance of the Bharatiya way of life in the present context-1

 – Vasudev Prjapati – Translated in English by Avnish Bhatnagar The whole world is suffering with covid-19 pandemic. Many a measure are being observed by…

मातृहस्तेन भोजनम्!

        वर्तमान की बदलती हुई जीवन शैली के कारण व्यक्तियों और परिवारों का आहार की ओर दुर्लक्ष्य होता जा रहा है। एक…

Hybrid Schools: Blended Learning

        Government of India is looking at opening schools and colleges in Unlock 0.2 beginning July 1, 2020.  It’s time to focus…