– डॉ० अशोक शर्मा जिस समय संगीत राजदरबारों की दीवारों के पीछे कैद था तथा जनसाधारण के लिए सुगमता से उपलब्ध न होकर घरानो की…
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राष्ट्रीय शिक्षा नीति : भाषा, कला और संस्कृति के संवर्धन की पहल
– प्रोफेसर रवीन्द्र नाथ तिवारी भारतीय वाङ्गमय में कला और भाषा का अन्योन्याश्रित सम्बन्ध है तथा ये एक-दूसरे के बिना अधूरे हैं। किसी भी कला…
पर्व और परीक्षा
– दिलीप वसंत बेतकेकर अपने देश मे वर्षभर अनेक पर्व-उत्सव बड़े उत्साह से, आनंदपूर्वक, धूम-धड़ाके से मनाये जाते हैं। दीपावली, गणेशोत्सव आदि की आतुरता के…
महान साहित्यकार प्रेमचन्द का साहित्य दर्शन भाग – 2
– कुलदीप मेहंदीरत्ता महात्मा गांधी के जीवन दर्शन से प्रभावित प्रेमचन्द : महात्मा गाँधी के प्रभाव से न केवल भारतीय बल्कि पाश्चत्य जगत के लेखक…
महान साहित्यकार प्रेमचन्द का साहित्य दर्शन भाग – 1
– डॉ० कुलदीप मेहंदीरत्ता “साहित्यकार का काम केवल पाठकों का मन बहलाना नहीं है। यह तो भाटों और मदारियों, विदूषकों और मसखरों का ही…
शिशु शिक्षा – 10 – जन्म से एक वर्ष के शिशु का पालन पोषण (संगोपन)
– नम्रता दत्त शिशु के पालन पोषण की प्रक्रिया भी शिशु शिक्षा के लिए एक अध्याय का कार्य करती है। अतः इस सोपान में विशेषतः…
ज्ञान की बात 38 (सृष्टिगत विकास)
– वासुदेव प्रजापति अब तक हमने व्यष्टि और समष्टि के सम्बन्धों को जाना, आज हम सृष्टि के साथ व्यक्ति के सम्बन्धों को जानने का प्रयत्न…
भारतीय शिक्षा के मनीषी : श्री लज्जाराम तोमर
– वासुदेव प्रजापति मा. लज्जारामजी तोमर की जन्म जयंती के उपलक्ष्य में उनके शैक्षिक चिन्तन का पुण्य स्मरण करने हेतु यह लेख प्रस्तुत है। तोमरजी…
पाती बिटिया के नाम-30 (बाहुबली मस्तिष्क)
– डॉ विकास दवे प्रिय बिटिया, पढ़ाई के दौरान कई बार आप यह शिकायत करते पाए जाते हैं – “इतना सारा पाठ्यक्रम है हम क्या-क्या…
शिशु शिक्षा – 9 – गर्भावस्था-2
– नम्रता दत्त इस श्रृंखला के सोपान 8 में गर्भावस्था के चौथे मास तक दृष्टि डाली थी। अतः अब गर्भ की इससे आगे की यात्रा…