पाती बिटिया के नाम-31 (शक्तिशाली बाल मन)

 – डॉ विकास दवे प्रिय बिटिया! आपसे पूर्व की चिट्ठी में चन्द्रशेखर आजाद पर चर्चा के दौरान कहा था कि बचपन वह समय है जब…

महान साहित्यकार प्रेमचन्द का साहित्य दर्शन भाग – 2

– कुलदीप मेहंदीरत्ता महात्मा गांधी के जीवन दर्शन से प्रभावित प्रेमचन्द : महात्मा गाँधी के प्रभाव से न केवल भारतीय बल्कि पाश्चत्य जगत के लेखक…

महान साहित्यकार प्रेमचन्द का साहित्य दर्शन भाग – 1

– डॉ० कुलदीप मेहंदीरत्ता   “साहित्यकार का काम केवल पाठकों का मन बहलाना नहीं है। यह तो भाटों और मदारियों, विदूषकों और मसखरों का ही…

शिशु शिक्षा – 10 – जन्म से एक वर्ष के शिशु का पालन पोषण (संगोपन)

 – नम्रता दत्त शिशु के पालन पोषण की प्रक्रिया भी शिशु शिक्षा के लिए एक अध्याय का कार्य करती है। अतः इस सोपान में विशेषतः…

ज्ञान की बात 38 (सृष्टिगत विकास)

 – वासुदेव प्रजापति अब तक हमने व्यष्टि और समष्टि के सम्बन्धों को जाना, आज हम सृष्टि के साथ व्यक्ति के सम्बन्धों को जानने का प्रयत्न…

कैसे अंग्रेजों ने ध्वस्त की भारत की विकसित शिक्षा प्रणाली : आओ जाने – 2

– प्रशांत पोळ ऑस्ट्रिया के एक मिशनरी, जॉन फिलिप वेस्डिन, अठारहवीं शताब्दी के अंत में केरल के मलाबार में काम कर रहे थे। । वर्ष…

भारतीय शिक्षा के मनीषी : श्री लज्जाराम तोमर

 – वासुदेव प्रजापति मा. लज्जारामजी तोमर की जन्म जयंती के उपलक्ष्य में उनके शैक्षिक चिन्तन का पुण्य स्मरण करने हेतु यह लेख प्रस्तुत है। तोमरजी…

पाती बिटिया के नाम-30 (बाहुबली मस्तिष्क)

– डॉ विकास दवे प्रिय बिटिया, पढ़ाई के दौरान कई बार आप यह शिकायत करते पाए जाते हैं – “इतना सारा पाठ्यक्रम है हम क्या-क्या…

शिशु शिक्षा – 9 – गर्भावस्था-2

– नम्रता दत्त इस श्रृंखला के सोपान 8 में गर्भावस्था के चौथे मास तक दृष्टि डाली थी। अतः अब गर्भ की इससे आगे की यात्रा…

ज्ञान की बात 37 (विश्वगत विकास)

– वासुदेव प्रजापति अब तक हमने व्यक्ति के परिवार के साथ सम्बन्ध, समाज के साथ सम्बन्ध, राष्ट्र के साथ सम्बन्ध कैसे होने चाहिए? इन सब…