भारतीय शिक्षा – ज्ञान की बात 61 (विज्ञान का सांस्कृतिक स्वरूप)

 – वासुदेव प्रजापति आज का युग विज्ञान का युग माना जाता है। कुछ लोग तो आज के युग का देवता विज्ञान को ही मानते हैं।…

भारतीय ज्ञान का खजाना-9 (भारत का प्राचीन ‘संपन्न’ रसायन शास्त्र)

–  प्रशांत पोळ पारे की खोज किसने की? इस प्रश्न का निश्चित एवं समाधान कारक उत्तर कोई नहीं देता। पश्चिमी दुनिया को सत्रहवीं शताब्दी तक…

भारतीय ज्ञान का खजाना-8 (भारतीय शिल्पकला – कला की सर्वोच्च अभिव्यक्ति)

–  प्रशांत पोळ सन् 1957 की घटना है। उज्जैन में रहने वाले एवं पुरातत्व विषय के विश्व प्रसिद्ध जानकार, डॉक्टर श्रीधर विष्णु वाकणकर, ट्रेन से…

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और आलोचनात्मक शिक्षण शास्त्र

 – शशि रंजन  – डॉ० शिरीष पाल सिंह शिक्षा के दर्शन में आलोचनात्मक शिक्षण शास्त्र ऐसा दर्शन है जो लोकतांत्रिक रूप से सीखने की प्रक्रियाओं…

শিশুৰ মন, বুদ্ধি আৰু শিক্ষণত আহাৰ-বিহাৰৰ প্ৰভাৱ

  – ৰবি কুমাৰ পাঞ্জাবী ভাষাত এটা প্ৰবাদ আছে – “চবেৰে জে চাৰ বজে জগ্গে তাঁ দেন্ন বত্তী ঘন্টে দা হো জান্দা”। অৰ্থাৎ ৰাতিপুৱা চাৰি…

भारतीय शिक्षा – ज्ञान की बात 60 (सांस्कृतिक इतिहास)

 – वासुदेव प्रजापति हम इतिहास को राजकीय इतिहास के रूप में ही पढ़ाते हैं। सांस्कृतिक इतिहास भी होता है, इसका हमें भान ही नहीं है।…

भारतीय शिक्षा का दार्शनिक आधार

 – शिव कुमार शर्मा शिक्षा मनुष्य का परिष्कार करती है। शिक्षा ही उसके गुणों का संवर्द्धन कर देवत्व की ओर प्रेरित करती है। किन्तु शिक्षा…

योगस्य आधारभूताः वेदाः

– प्रज्ञा जगतः सकलविद्याः ज्ञानानि च, भौतिकविज्ञानम् आहोस्वित् आत्मपरमात्मनोः अथवा मनसा सम्बद्धम् अध्यात्मविज्ञानं भवतु, सर्वेषां आदिमूलम् अर्थात् सर्वेषाम् आधारभूताः वेदाः सन्ति। वेदानाम् उपाङ्गस्वरूपेण दर्शनशास्त्राणि गृह्यन्ते।…

Shrimad Bhagavad-Gita and Yoga

 – Arpit Kumar Dubey Śrīmadbhagavadgītā (Bhagavadgītā) is a great Indian philosophical (Sāṁkhya–Yoga and Vedānta) text of Sanskrit language. It is a great manual for human…

वर्तमान संक्रांति काल एवं अष्टांग योग

 – डॉ० पवन कुमार वर्तमान समय मानव जीवन के संक्रांति काल का है। संक्रांति से तात्पर्य अन्तः एवं एवं बाह्य जगत के परिवर्तन से है।…