– डॉ विकास दवे प्रिय बिटिया! केसर की क्यारी कश्मीर गोला बारूद की जहरीली हवा की चपेट में एक बार फिर आ गई। एक बार…
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श्रीराम – सुशासन के प्रतीक महापुरुष
भगवान श्रीराम अविनाशी परमात्मा है जो सबके सृजनहार व पालनहार हैं। भारत में ही नहीं, दुनिया में श्रीराम अत्यंत पूजनीय हैं और आदर्श पुरुष हैं।
राष्ट्र गुरु समर्थ रामदास स्वामी
– सौ. ममता गद्रे ।। ‘जगामधे जगमित्र । जिव्हेपासी आहे सूत्र’ ।। “ज्ञानदेवे रचिला पाया । कळस झळके वरी तुकयाचा त्यावरी भगवा फडकतो ।…
शक्ति, भक्ति एवं संगठन का अद्भुत संगम – समर्थ रामदास स्वामी
– शैलेश जोशी कहते है ईश्वर ने किसी भूमि पर जन्म लिया है तो वह भरतभूमि है। भारत यह अध्यात्म की भूमि है। भारत को…
शिशु शिक्षा – 3 (जीवन विकास की मनोवैज्ञानिक प्रक्रिया)
– नम्रता दत्त शिशु शिक्षा की इस श्रृंखला में हम मनोविज्ञान के आधार पर जीवन के विकास की यात्रा पर विचार एवं चिन्तन करेंगे। यह…
डॉ० केशव बलिराम हेडगेवार एक प्रेरणादायी व्यक्तित्व
– रवि कुमार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ आज पूरे विश्व में चर्चा का विषय बना हुआ है। संघ शक्ति का प्रभाव निरंतर बढ़ रहा है। संघ…
पालकों के समक्ष चुनौतियाँ और सुअवसर
– दिलीप वसंत बेतकेकर विवाह हुआ, पारिवारिक जीवन प्रारंभ हुआ, माता-पिता की श्रेणी में आ गये, अब शिकवा-शिकायत का कोई अर्थ नहीं होता। दिन-ब-दिन पालकों…
संकीर्तन संजीवनी से समाज को चेतन करने वाले : श्री चैतन्य महाप्रभु
– गोपाल महेश्वरी “चैतन्य देव का ज्ञान सौर-ज्ञान था, ज्ञानसूर्य का प्रकाश था और उनके भीतर भक्तिचन्द्र की शीतल किरणें भी थी। ब्रह्मज्ञान और भक्ति…
संत तुकाराम यांचे जीवन दर्शन
– सौ. प्रांजली अजय आफळे अणुरेणिया थोकडा । तुका आकाशाएवढा ।।१।। या ओळीतच संत तुकारामांचे सूक्ष्मातून प्रचंडाकडे जाणारे समग्र, विस्तृत व व्यापक व्यक्तिचित्र दडले आहे।…
स्वामी दयानन्द जी का शिक्षा दर्शन
– प्रो. बाबूराम स्वामी दयानंद जी के बचपन का नाम मूलशंकर था, उनका जन्म 1824 में काठियावाड़, गुजरात के टंकरा में हुआ था। बचपन से…