अपडेट और आउटडेट

 – दिलीप वसंत बेतकेकर ‘मोबाइल फोन किस-किसके पास है?’ ऐसा पूछने पर अनेक लोग प्रश्नार्थक मुद्रा से देखने लगे। सभी ने हाथ ऊपर किये। फिर…

भारतीय शिक्षा – ज्ञान की बात-28 (अन्नमय कोश का विकास)

 – वासुदेव प्रजापति अब तक हमने जाना कि व्यक्तित्व विकास का भारतीय प्रतिमान है – “समग्र विकास प्रतिमान।” समग्र विकास प्रतिमान के दो आयाम हैं…

पाती बिटिया के नाम-21 (मेरी चार सलाह)

 – डॉ विकास दवे प्रिय बिटिया! इन दिनों तुमको लिखने-पढऩे का शौक चर्राया है। बेटे! आपकी आयु में सबको लिखने का अत्यधिक शौक रहता है…

சர்வதேச தாய்மொழி தினம்

மனித இனம் தோன்றியதுமுதல் மனிதர்கள் ஒருவருக்கொருவர் தங்களுக்குள் தொடர்பைஏற்படுத்திக் கொள்ளதாங்கள்; அறிந்தசொற்களைத் தொகுத்துமொழியாகமாற்றினர்;. உலகில் ஏறத்தாழஆறாயிரம் மொழிகள் பேசப்படுகின்றன. ஒருமொழியின் சிறப்புஅதன் தொன்மையில் இல்லை;தொடர்ச்சியில் தான் இருக்கிறது. ஒவ்வொரு மொழிக்கும் அந்தமொழிக்கேயுரிய சிறப்பம்சங்கள் உண்டு.…

मातृभाषा मराठी चे महत्त्व

– सौ. प्रांजली जोशी लाभले आम्हास भाग्य बोलतो मराठी जाहलो खरेच धन्य ऐकतो मराठी धर्म, पंथ, जात एक जाणतो मराठी एवढ्या जगात माय मानतो मराठी श्रेष्ठ  कवी सुरेश भट यांनी आपल्या काव्यात मराठी या भाषेची महानता व्यक्त केली ती सार्थ आहे. आम्हा महाराष्ट्रीयांची ‘मातृभाषा’ ही मराठी आहे. ही भाषा आमची ‘आई’. माता बोलते म्हणून नाही तर ती आमची संस्कृती आहे. ही ‘मराठी’ मातृभाषा आमच्या मनामनात, रोमारोमात भिनलेली आहे. या भाषेची स्पंदने उराउरात भरलेली आहेत. का नसावा आम्हाला आमच्या मातृभाषेचा अभिमान! आमची भाषा अमृताशी पैजा जिंकणारी आहे. तिला एक इतिहास आहे. त्या इतिहासाचे पुरावे आहेत. आमची मातृभाषा नदीसारखी प्रवाही आहे. काळाच्या ओघात स्वतःला बदलवणारी आहे. नीरक्षीर विवेकबुद्धीने इतरांना सोबत घेऊन चालणारी आहे.…

कोसली भाषा के प्रसिद्ध कवि ‘लोक कविरत्न’ पद्मश्री हलधर नाग

साहिब-दिल्ली आने तक के पैसे नहीं हैं, कृपया पुरस्कार डाक से भिजवा दो ।। जिसके नाम के आगे कभी श्री नहीं लगाया गया, 3 जोड़ी…

बाल केन्द्रित क्रिया आधारित शिक्षा-25 (पाठन पद्धति के प्रमुख आयाम)

 – रवि कुमार ‘बाल केंद्रित क्रिया आधारित शिक्षा’ यह सर्व विदित है। इसका अर्थ भी सब समझते है। परंतु इसका व्यवहार रूप देखने को कम…

कहना क्यों नहीं मानते.….आज के बच्चे

 – सुषमा यदुवंशी आजकल यह शिकायत आम माता-पिता को है कि हमारे बच्चे कहना नहीं मानते। कभी-कभी उन्हें शिकायत के चलते बहुत चिढ़ होने लगती…

दुर्गम जनजातीय क्षेत्रों में शिक्षा की अलख जगा रहे विद्या भारती के आचार्य

विद्या भारती मध्यभारत प्रांत के मार्गदर्शन में साधारण जनों विशेषतः वनवासी, गिरीवासी, जनजातियों एवं सामाजिक तथा आर्थिक दृष्टि से अविकसित वर्ग के लोगो को समुचित…

पाती बिटिया के नाम-19 (सीखने की उम्र)

 – डॉ विकास दवे प्रिय बिटिया! जीवन में अनेको बार ऐसे प्रसंग उपस्थित होते हैं जब हम किसी अच्छे कार्य को सीखने या करने के…