आचार्य विनोबा भावे और उनकी शिक्षक दृष्टि

✍ सचिन अरुण जोशी आचार्य विनोबा भावे एक ऋषितुल्य व्यक्तित्व। केवल चिंतन ही नहीं अपितु चिंतनाधारित कृति ऐसी उनकी प्रगल्भता थी। विनोबाजी मूलतः महाराष्ट्र से…

राष्ट्र शिल्पी और ज्ञान परंपरा का संवाहक है शिक्षक

✍ डॉ. रवीन्द्र नाथ तिवारी शिक्षक का स्थान समाज में अनादिकाल से ही पूजनीय रहा है। शिक्षा का प्रमुख आधार शिक्षक ही होता है। शिक्षक…

आदिकवि महर्षि वाल्मीकि कृत रामायण का परिचय

– धीरेंद्र झा आदि कवि महर्षि वाल्मीकि ने तमसा नदी के तट पर 24000 श्लोकों से निबद्ध रामायण नामक संस्कृत महाकाव्य की रचना की। इस…

दीनदयाल उपाध्याय की दृष्टि में भारतीय शिक्षा

 – डॉ. राकेश दुबे दीनदयाल जी की दृष्टि में भारतीय शिक्षा विषय पर विचार करते हुए कुछ प्रश्न स्वभावत: मन में उठते हैं जैसे किसी…

श्रीकृष्ण सच्चे अर्थों में राष्ट्रनायक हैं

– ललित गर्ग भगवान श्रीकृष्ण हमारी संस्कृति के एक अद्भुत एवं विलक्षण राष्ट्रनायक हैं। श्रीकृष्ण का चरित्र एक लोकनायक का चरित्र है। वह द्वारिका के…

रामकृष्ण परमहंस का शिक्षा दर्शन

– सतीश कुमार इक्कीसवीं शताब्दी में शिक्षा का जितना महत्व है, उससे ज्यादा उतना ही महत्व शिक्षा कहाँ से ग्रहण की जा रही हैं उसका…

घर-घर तिरंगा – हर घर तिरंगा

– गोपाल महेश्वरी रोचक संयोग ही था कि भारत भूषण जी का जन्म भी पन्द्रह अगस्त 1947 को ही हुआ था और उनके पौत्री यानि…

स्वतंत्रता के अमृत महोत्सव पर शिक्षा की स्वतंत्रता

-डॉ. कुलदीप मेहंदीरत्ता यह एक सर्वमान्य तथा सर्वस्वीकृत तथ्य है कि भारत 15 अगस्त 1947 को स्वतंत्र हुआ था। 1757 में प्लासी के युद्ध से…

भारतीय शिक्षा के पुरोधा लज्जाराम जी का साहित्य दर्शन

 – डॉ. हिम्मत सिंह सिन्हा भारतीय शिक्षा के नाम पर उदित महान प्रकाश पुंज, ज्ञान की विभूति पूज्य लज्जाराम तोमर जी ऐसे सबसे पहले शिक्षाविद…

भारतीय शिक्षा का दार्शनिक आधार

 – शिव कुमार शर्मा शिक्षा मनुष्य का परिष्कार करती है। शिक्षा ही उसके गुणों का संवर्द्धन कर देवत्व की ओर प्रेरित करती है। किन्तु शिक्षा…