सा विद्या या विमुक्तये
– डॉ. सुभाष शर्मा भारत का जीवन लोक परंपराओं में ही दिख जाता है। इन लोक परंपराओं को जन-जन तक पहुंचाने का काम लोक नर्तक,…
– दिलीप बेतकेकर कार्य सभी महत्वपूर्ण तथा मूल्यवान ही होते हैं, कोई भी कार्य निम्न स्तर का नहीं। फिर भी शिक्षक का कार्य अनोखा है।…
– गोपाल माहेश्वरी फागुन का महिना आरंभ होते ही बच्चों बड़ों सभी पर होली की मस्ती छाने लगी। प्रभात की कालोनी में भी होलिकादहन की…
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी के विजयादशमी उद्बोधन (सन् २०१४-२०२०) में शिक्षा विषयक का सम्पादित अंश विजयादशमी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का…
✍ वासुदेव प्रजापति पश्चिमी सभ्यता को अपनाने के फलस्वरूप भारतीय समाज का मानस भी बदला है। मानस बदलने के कारण परिवार इकाई छोटी होती जा…
✍ डॉ. आदित्य मिश्रा ‘शिक्षा’ क्या है? शिक्षा का शाब्दिक अर्थ होता है सीखने एवं सिखाने की क्रिया परंतु इसके व्यापक अर्थ को देखें तो…
✍ प्रोफेसर रवीन्द्र नाथ तिवारी स्वतंत्र भारत के इतिहास में मुदालियर आयोग (1952-53), जिसे माध्यमिक शिक्षा आयोग के रूप में भी जाना जाता है, भारतीय…
✍ वासुदेव प्रजापति जैसे व्यक्ति एक इकाई है, वैसे ही परिवार व विद्यालय भी एक इकाई है। किन्तु समाज इकाई नहीं है, वह तो…
✍ दिलीप बेतकेकर अभावग्रस्त नियोजन युद्ध के लिए केवल सेना और शस्त्र का होना ही पर्याप्त नहीं। केवल इन्हीं के आधार पर युद्ध में विजय…
✍ किशन वीर सिंह शाक्य 21वीं शताब्दी का शिक्षक हमारी कल्पना में कुछ विशेष है क्योंकि 21वीं शताब्दी में हमारे लिए करने के लिए अनेक…