लोकनायक श्रीराम – ३

✍ प्रशांत पोळ मुनीश्रेष्ठ विश्वामित्र के साथ श्रीराम और लक्ष्मण चल रहे हैं। वें गंगा नदी पार कर, दक्षिण तट पर आते हैं। प्रवास पुनः…

पढ़ेंगे तभी बढ़ेंगे – १

✍ दिलीप वसंत बेतकेकर वाचन अध्ययन का पहला पायदान है। अध्ययन की शुरुआत वाचन से ही होती है। आगे तो हम अनेक कौशल्य देखने वाले…

इंद्र विद्यावाचस्पति की राष्ट्र को देन

 ✍ प्रोफेसर बाबूराम विश्व में जीवन यापन की दो दिशाएं हैं – 1. संस्कृतिमूल्क 2. सभ्यतामूलक। भारतवर्ष विश्व के प्राचीनतम देश की अपेक्षा राष्ट्र अधिक…

विद्यालय वातावरण का बालक के जीवन व्यवहार पर प्रभाव

✍ राजेन्द्र सिंह बघेल अपने शिक्षण संस्थानों में हम कक्षा में प्रत्यक्ष शिक्षण करते हैं, विद्यार्थियों से प्रतिदिन मिलते हैं, वार्ता करते हैं और उनके…

नन्हा क्रान्तिकारी – दत्तू रंगारी

✍ गोपाल माहेश्वरी घुट्टी में जो राष्ट्रभक्ति का पान किया करते हैं। स्वतंत्रता अनमोल समझ बलिदान दिया करते हैं।। 15 अगस्त और 26 जनवरी पर…

तुलना, स्पर्धा स्वयं से!!

✍ दिलीप वसंत बेतकेकर एक अत्यंत गरीब आदमी, भरी दोपहरी में, तपती धूप में, बगैर चप्पल पहने, रास्ते से जा रहा था। धूप से पैर…

भारतीय संविधान में वर्णित मौलिक कर्तव्य – भाग दो

✍ डॉ. कुलदीप मेहंदीरत्ता भारतीय संविधान में प्रदत्त मौलिक कर्तव्यों को हम चार वर्गों में विभाजित कर सकते हैं। प्रथम वर्ग है ‘नागरिक उत्तरदायित्व’ इसके…

भारतीय ज्ञान का खजाना-25 (अद्वितीय आयुर्वेद)

✍ प्रशांत पोळ ईडलबर्ग जर्मनी का एक छोटा सा शहर है। इसकी जनसंख्या मात्र डेढ़ लाख है। परंतु यह शहर जर्मनी में वहाँ की शिक्षा…

महानायक लाचित बरफुकन

 – डॉ. जगदींद्र रायचौधरी लाचित बरफुकन असम में आहोम साम्राज्य के एक मुख्य सेनापति थे। वह बचपन से ही मातृभूमि के लिए कुछ कर गुजरने…

गिजुभाई बधेका के बाल शिक्षा के प्रयोग

✍ अनिल रावल 20वीं शताब्दी के आरंभ में भारत में अंग्रेजी शिक्षा पद्धति का कार्य शुरू हो गया था। विद्यालय में विद्यार्थियों को केवल साक्षरी…